Шӯри ашкамгар чунин роҳи тапиш сар ме кунад
شور اشکم گر چنین راه تپش سر میکند
Трдмоғиҳои дарёи назр гавҳар ме кунад
تردماغیهای دریا نذر گوهر میکند
Ҳасрати ҷовиди ҳам айшии сети ин махмур ро
حسرت جاوید هم عیشیست این مخمور را
Ҷом мегардад агар хамёза лангар ме кунад
جام میگردد اگر خمیازه لنگر میکند
Кош бо ойӣна созӣҳо наме пардохтем
کاش با آیینهسازیها نمیپرداختیم
Вақти моро софии дили ҳам мукаддар ме кунад
وقت ما را صافی دل هم مکدر میکند
Ҷавҳари ойӣнаи арзи ҳайрати аҳволи мост
جوهر آیینه عرض حیرت احوال ماست
Ноларо фикри миёнати сахт лоғар ме кунад
ناله را فکر میانت سخت لاغر میکند
Об мегардад тағофули ханҷари нози туро
آب میگردد تغافل خنجر ناز ترا
Серума дар теғи нигоҳати кор ҷавҳар ме кунад
سرمه در تیغ نگاهت کار جوهر میکند
намечакад хӯни таманно аз раг назора ам
میچکد خون تمنا از رگ نظارهام
Бас ки бе рӯи ту мижгон кор нашутур ме кунад
بس که بیرو تو مژگان کار نشتر میکند
Ҳечкас ёрб хиҷолати кеш бидрдӣ мабод
هیچکس یارب خجالتکیش بیدردی مباد
Дидаи моро ғубор бе наметар ме кунад
دیدهٔ ما را غبار بینمی تر میکند
эй басои булбули казин гулзор бол ифшоанд ва рафт
ای بسا بلبل کزین گلزار بال افشاند و رفت
Бсмли мо низ рақси ваҳшатӣ сар ме кунад
بسمل ما نیز رقص وحشتی سر میکند
Инки мегӯйанд анқои нақши ваҳмӣ беш нест
اینکه میگویند عنقا نقش وهمی بیش نیست
Мо ҳамон нақшем аммо кист бовар ме кунад
ما همان نقشیم اما کیست باور میکند
Обу гавҳар дар канори бихўдӣ осӯда анд
آب و گوهر در کنار بیخودی آسودهاند
Мавҷи моро изтироби дил шиновар ме кунад
موج ما را اضطراب دل شناور میکند
Ҳечкас дар боғи имкони комёб айш нест
هیچکس در باغ امکان کامیاب عیش نیست
Гар ҳама гул бошад ӣнҷои хӯн ба соғар ме кунад
گر همه گل باشد اینجا خون به ساغر میکند
Фақри ҳам дар олами худ соя пурвирд Ганаст
فقر هم در عالم خود سایهپرورد غناست
Орамиданҳои соҳил нозгўҳр ме кунад
آرمیدنهای ساحل نازگوهر میکند
Яман огоҳӣ надорад рағбат гуфту шунӯд
یمن آگاهی ندارد رغبت گفت و شنود
ӣнқадари афсонаи охргўши мо кар ме кунад
اینقدر افسانه آخرگوش ما کر میکند
Ҳасрат соҳил мабар бедил ки дар дарёии ишқ
حسرت ساحل مبر بیدل که در دریای عشق
Кам касе бе хоки гаштани хок бар сар ме кунад
کم کسی بیخاک گشتن خاک بر سر میکند