Ҳасрати имшаби оҳ бетаъсир равшан ме кунад
حسرت امشب آه بیتأثیر روشن میکند
Риштаи шамъӣ ба ҳар тақдир равшан ме кунад
رشتهٔ شمعی به هر تقدیر روشن میکند
Чун чароғи гул ки аз бод саҳар гирад фурӯғ
چون چراغ گل که از باد سحر گیرد فروغ
Захми мо чашм аз дами шамшер равшан ме кунад
زخم ما چشم از دم شمشیر روشن میکند
Бар баёзи субҳ манқӯшаст назму насри даҳр
بر بیاض صبح منقوش است نظم و نثر دهر
Мӯии кофурии саводи пер равшан ме кунад
موی کافوری سواد پیر روشن میکند
Чун баннои мавҷи пардоз аз шикастам дода анд
چون بنای موجپرداز از شکستم دادهاند
Маънӣ вайронӣам таъмир равшан ме кунад
معنی ویرانیام تعمیر روشن میکند
эй шарари муфти нигоҳати ҷилваи зори офият
ای شرر مفت نگاهت جلوهزار عافیت
Рӯзгори ойӣнаи мо дайр равшан ме кунад
روزگار آیینهٔ ما دیر روشن میکند
Бе надомати ҳалқаи мотам буд қади дўто
بیندامت حلقهٔ ماتم بود قد دوتا
Нолаи шамъи хонаи занҷир равшан ме кунад
نالهٔ شمع خانهٔ زنجیر روشن میکند
Гар хаёли ойӣнаи дори эътибор мо шавад
گر خیال آیینهدار اعتبار ما شود
Сӯрати хобӣ ба сад таъбир равшан ме кунад
صورت خوابی به صد تعبیر روشن میکند
Гармии ҳангомаи имкони ҷалол ишқ ӯст
گرمی هنگامهٔ امکان جلال عشق اوست
Оташи ин бешаи чашми шер равшан ме кунад
آتش این بیشه چشم شیر روشن میکند
Бигузар аз сайёдии матлаб ки саҳрои умед
بگذر از صیادی مطلب که صحرای امید
Хонаи барқ аз Роми нахҷӣр равшан ме кунад
خانهٔ برق از رم نخجیر روشن میکند
Бедил аз фонӯс , захми офиятро нур нест
بیدل از فانوس، زخم عافیت را نور نیست
Шамъи пайконе дар ӣнҷои тир равшан ме кунад
شمع پیکانی در اینجا تیر روشن میکند