Ақл агар сад анҷумани тадбир равшан ме кунад

عقل اگر صد انجمن تدبیر روشن می‌کند

Фикри маҷнӯни сатрӣ аз занҷир равшан ме кунад

فکر مجنون سطری از زنجیر روشن می‌کند

Доғи навмидӣ дилӣ дорам ки дар ҳар дам задан

داغ نومیدی دلی دارم که در هر دم زدن

Шамъҳо аз оҳ бетаъси равшан ме кунад

شمع‌ها از آه بی‌تاثیر روشن می‌کند

Олимии чашм аз мазори мо ба ибрат об дод

عالمی چشم از مزار ما به عبرت آب داد

Хоки мо файзи ҳазор эксир равшан ме кунад

خاک ما فیض هزار اکسیر روشن می‌کند

Нанг расвоӣ надорад соз то хомаш навост

ننگ رسوایی ندارد ساز تا خامش نواست

Рамзи сад айбу ҳунари тақрир равшан ме кунад

رمز صد عیب و هنر تقریر روشن می‌کند

намешавад зоҳир ба перии маънии тӯли амл

می‌شود ظاهر به پیری معنی طول امل

Ҷавҳари ин мӯи сафои шер равшан ме кунад

جوهر این مو صفای شیر روشن می‌کند

Ғофилонро нури таҳқиқ аз савод фақр нест

غافلان را نور تحقیق از سواد فقر نیست

Тўтё кӣ дидаи тасвир равшан ме кунад

توتیا کی دیدهٔ تصویر روشن می‌کند

Аз раги гул метавон фаҳмид мазмуни баҳор

از رگ گل می‌توان فهمید مضمون بهار

Файзи маъниҳои мо таҳрир равшан ме кунад

فیض معنی‌های ما تحریر روشن می‌کند

Нолаи имшаб май хулд дар дили з заъф перем

ناله امشب می‌خلد در دل ز ضعف پیریم

Шамъи бедоди камонро тир равшан ме кунад

شمع بیداد کمان را تیر روشن می‌کند

Олами дилро айёр аз дастгоҳи нолаи гир

عالم دل را عیار از دستگاه ناله‌گیر

Вусъати саҳрои Роми нахҷӣр равшан ме кунад

وسعت صحرا رم نخجیر روشن می‌کند

Аз арақ бар ҷабҳаи афсуни чироғон хонда ем

از عرق بر جبههٔ افسون چراغان خوانده‌ایم

Базми моро хиҷлати тақсир равшан ме кунад

بزم ما را خجلت تقصیر روشن می‌کند

Интизори файзи ишқ аз хомии худ май кашам

انتظار فیض عشق از خامی خود می‌کشم

Чӯбтарро саъии оташи дайр равшан ме кунад

چوب تر را سعی آتش دیر روشن می‌کند

Ҳечкас бар дар назд бедили зи зиндонгоҳи чарх

هیچکس بر در نزد بیدل ز زندانگاه چرخ

Аҷзи мо ин хонаи дилгир равшан ме кунад

عجز ما این خانهٔ دلگیر روشن می‌کند