Рафтаи рафтаи офияти ҳам кӣна хоҳӣ ме кунад
رفته رفته عافیت همکینهخواهی میکند
Соҳили охири киштии моро табоҳӣ ме кунад
ساحل آخر کشتی ما را تباهی میکند
Дӯстон бар мӯии перии эътимоди айш чанд
دوستان بر موی پیری اعتماد عیش چند
Хонаҳо равшани чароғ субҳгоҳӣ ме кунад
خانهها روشن چراغ صبحگاهی میکند
Осмони зини даври мафъӯлӣ ки нанги дўрҳост
آسمان زین دور مفعولی که ننگ دورهاست
Ихтилоти халқро маъҷун боҳай ме кунад
اختلاط خلق را معجون باهی میکند
Ҳарзаи гӯйии бскаҳ дар аҳли тааюни ғолиби сет
هرزهگویی بسکه در اهل تعین غالبست
Лутфи маъниро ба лаб нагузашта воҳӣ ме кунад
لطف معنی را به لب نگذشته واهی میکند
Зохтлоти хушки табъони маҳв мижгон ме шавад
زاختلاط خشکطبعان محو مژگان میشود
Хомаи ҳам ҳарчанд ашк аз ди яда роҳӣ ме кунад
خامه هم هرچند اشک از دیده راهی میکند
Пери гардидеми ҳукми заъф бояд пеши барад
پیر گردیدیم حکم ضعف باید پیش برد
Қомат хам гашта бар мо кҷклоҳӣ ме кунад
قامت خم گشته بر ما کجکلاهی میکند
Нест бе ҷавҳари ниёам аз паҳлавии иқболи теғ
نیست بیجوهر نیام از پهلوی اقبال تیغ
Суҳбати мардони меҳнатро сипоҳӣ ме кунад
صحبت مردان، مخنث را سپاهی میکند
Ҳасан медонад тақозои ҷунуни ошиқон
حسن میداند تقاضای جنون عاشقان
Гар тағофул май намояд узрхоҳӣ ме кунад
گر تغافل مینماید عذرخواهی میکند
Бас ки пешем аз грўтозони майдони амл
بس که پیشیم از گروتازان میدان امل
Боди маҳшари ҳам қафои мо сиёҳӣ ме кунад
باد محشر هم قفای ما سیاهی می کند
Дар гулистонӣ ки ҳарфи сарв ӯ гардад баланд
در گلستانی که حرف سرو او گردد بلند
Гар ҳамаи тӯбо сар афрозад гиёҳӣ ме кунад
گر همه طوبی سر افرازد گیاهی میکند
Чун ҳаё ғолиб шавад аз лоф натавон дам задан
چون حیا غالب شود از لاف نتوان دم زدن
Ҳарки бошад зери оби овоз моҳӣ ме кунад
هرکه باشد زیر آب آواز ماهی میکند
Нест мумкини бедили ислоҳи табоиъи ҷуз ба фақр
نیست ممکن بیدل اصلاح طبایع جز به فقر
Халқро одами ҳамин бидстгоҳӣ ме кунад
خلق را آدم همین بیدستگاهی میکند