Сапанди базм ту гӯйанд ҳеҷ ҷо нанишинад

سپند بزم‌ تو گویند هیچ جا ننشیند

Худо кунад ки ба гӯши дили ин садо нанишинад

خدا کند که به ‌گوش دل این صدا ننشیند

Сар ӣ ки теғ ту бошад чу шамъ кардани нозаш

سر‌ی ‌که تیغ تو باشد چو شمع ‌کردن نازش

Чаҳ давлатаст ки аз дӯши мо ҷудо нанишинад

چه دولت است‌که از دوش ما جدا ننشیند

Бар остони тўгрди ниёзи сҷдoпрстон

بر آستان توگرد نیاز سجدoپرستان

Нишастааст ба нозӣ ки ҳркҷо нанишинад

نشسته است به نازی‌ که هرکجا ننشیند

Ба маҳфилӣ ки нигоҳати айёр ҳавсила гирад

به محفلی که نگاهت عیار حوصله گیرد

Ҳаё ба рӯй кас аз шухӣ ҳаё нанишинад

حیا به روی‌ کس از شوخی حیا ننشیند

зи ихтироъ заъифӣаст инки саъии ғуборам

ز اختراع ضعیفی است اینکه سعی غبارم

Ба ҳеҷ ҷо чу хат аз хома беАсо нанишинад

به هیچ جا چو خط از خامه بی‌عصا ننشیند

Саломати ойӣнаи дор саодатаст ба шартӣ

سلامت آیینه‌دار سعادت است به شرطی

Ки устихон касе дар раҳ ҳумо нанишинад

که استخوان‌ کسی در ره هما ننشیند

Видоъи офияти ингори пургушойии шӯҳрат

وداع عافیت انگار پرگشایی شهرت

Чу номи нақш нигинаш кунӣ з по нанишинад

چو نام نقش نگینش‌ کنی ز پا ننشیند

Дилӣ ки зер фалак бошад орзӯии муродаш

دلی‌که زیر فلک باشد آرزوی مرادش

Ба ранги донаи таҳи Асия чаро нанишинад

به رنگ دانه ته آسیا چرا ننشیند

Нафас чу субҳ ба шабнами расони зи шарми тараддуд

نفس چو صبح به شبنم رسان ز شرم تردد

Ки об то накушуд доман ҳаво нанишинад

که آب تا نکشد دامن هوا ننشیند

Ганаи мусаллами онкас ки дар қаламрави ҳоҷат

غنا مسلم آنکس ‌که در قلمرو حاجت

Ғборгрдд ва дар роҳ ошно нанишинад

غبارگردد و در راه آشنا ننشیند

Ғубори ғайрати он матлабам ки гоҳи таманно

غبار غیرت آن مطلبم ‌که ‌گاه تمنا

Равад ба бод ва ба рӯй каф дуо нанишинад

رود به باد و به روی‌کف دعا ننشیند

Ба ранги партави хуршеди сояпарвар ҳиммат

به رنگ پرتو خورشید سایه‌پرور همت

Агар ба хок нишинад ки зер по нанишинад

اگر به خاک نشیند که زیر پا ننشیند

Азин ҳўскдаҳ бархестааст дил ба ҳавояш

ازین هوسکده برخاسته است دل به هوایش

Ки то ба ҳашари нишастан ба ҷой мо нанишинад

که تا به حشر نشستن به جای ما ننشیند

зи офтоби қиёмати фасона чанд шунидан

ز آفتاب قیامت فسانه چند شنیدن

Касе ба сояи девор илтиҷо нанишинад

کسی به سایهٔ دیوار التجا ننشیند

Ба ваҳшатӣ бигузар бедил аз муҳӣти таъаллуқ

به وحشتی بگذر بیدل از محیط تعلق

Ки нақши пои ту чун мавҷ брқФо нанишинад

که نقش پای‌ تو چون موج برقفا ننشیند