Решаи вории офият дар мазраъ имкон набӯд

ریشه‌واری عافیت در مزرع امکان نبود

Ҳарки дар дилҳо мудоро кошт ҷамъияти дуруд

هرکه در دلها مدارا کاشت جمعیت درود

Гармии ҳангомаи мо як ду рӯзӣ беш нест

گرمی هنگامهٔ ما یک دو روزی بیش نیست

Рафтааст онсӯии ин маҳфил басӣ гуфту шунӯд

رفته است آنسوی این محفل بسی‌گفت و شنود

Ҷузи вабол дил надорад зиндагӣ огоҳ бош

جز وبال دل ندارد زندگی آگاه باش

То нафас дорад асари ойӣна мебояд задуд

تا نفس دارد اثر آیینه می‌باید زدود

Аз заъифии чашм бар машқ суҷудӣ дӯхтем

از ضعیفی چشم بر مشق سجودی دوختیم

Лағзиши мижгони зсртои пои мо чун хомаи суд

لغزش مژگان زسرتا پای ما چون خامه سود

Сӯрати ин анҷумангар маҳв шуд парвои крост

صورت این انجمن گر محو شد پروا کراست

Хомаи наққоши мо нақш дигар хоҳад намӯд

خامهٔ نقاش ما نقش دگر خواهد نمود

Аз баланду пасти мо мизони адл озода аст

از بلند و پست ما میزان عدل آزاده است

Не ҳубутӣ дорад ин маҳфил на осори суъӯд

نی هبوطی دارد این محفل نه آثار صعود

Ишқ дод ороиши ҳаркас ба ойинӣ ки хост

عشق داد آرایش هرکس به آیینی‌که خواست

Дошт маҷнӯн низ дасторӣ ки савдояши рабӯд

داشت مجنون نیز دستاری که سودایش ربود

Хуфт ғифлат мабод идбори равшани гавҳарон

خفّت غفلت مباد ادبار روشن‌ گوهران

намекашад по хӯрдан аз хошок чун оташ ғунуд

می‌کشد پا خوردن از خاشاک چون آتش غنود

Ҷавҳари огоҳии ойӣна бо зангор рафт

جوهر آگاهی آیینه با زنگار رفت

Ҳайрат аз бунёди мо охир бурун оварад дӯд

حیرت از بنیاد ما آخر برون آورد دود

Олами мутлақи саропояш муқайяд бӯда аст

عالم مطلق سراپایش مقید بوده است

Ҳасан дар ҳарҷо намоён шуд ҳамин ойӣна буд

حسن در هرجا نمایان شد همین آیینه بود

Аз тааммул бояд истеъдоди пайдо карданат

از تامل باید استعداد پیدا کردنت

Гавҳарӣ дорад ба каф ҳар қатра аз дарёии ҷӯад

گوهری دارد به کف هر قطره از دریای جود

Соз ҳастӣ ғайри оҳанги адам чизе надошт

ساز هستی غیر آهنگ عدم چیزی نداشت

Ҳар навоеи рака водидм хамӯшӣ май сурӯд

هر نوایی راکه وادیدم خموشی می‌سرود

Ваҳм ҳастӣ ғарра иқбол кард офоқ ро

وهم هستی غرهٔ اقبال‌کرد آفاق را

Бар сари мо хок то шуд ҷамъи қадар мо фузуд

بر سر ما خاک تا شد جمع قدر ما فزود

Халқи хориро ба номи обрӯ май пурвирд

خلق خواری را به نام آبرو می‌پرورد

Қатраи афсурдаро бедили гуҳар бояд ситуд

قطرهٔ افسرده را بیدل گهر باید ستود