Матлабигар буд аз ҳастӣ ҳамин озор буд

مطلبی‌ گر بود از هستی همین آزار بود

Варна дар кунҷи адами осӯдагӣ бисёр буд

ورنه در کنج عدم آسودگی بسیار بود

Зиндагии ҷузи нақди ваҳшати дрграҳ чизе надошт

زندگی‌جز نقد وحشت درگره چیزی نداشت

Корвони рангу бӯро рафтанӣ дар бор буд

کاروان رنگ و بو را رفتنی در بار بود

Ғунчае пайдо нашуд буии гулӣ сӯрат набаст

غنچه‌ای پیدا نشد بوی گلی صورت نبست

Ҳар чаҳ дидам зини чаман ё нола ё минқор буд

هر چه دیدم زین چمن یا ناله یا منقار بود

Даст ҳиммат кард аз бе ҷрأтиҳои кӯтаҳӣ

دست همت ‌کرد از بی‌جرأتیها کوتهی

Варна чун гули кисвати мо як гиребони вор буд

ورنه چون گل‌ کسوت ما یک گریبان‌وار بود

Сӯхтан ҳам муфти ъшртҳост аммо чун шарор

سوختن هم مفت عشرتهاست امّا چون شرار

Кавкаб кам фурсати мо як нигаҳи сайёр буд

کوکب ‌کم‌فرصت ما یک نگه سیار بود

Ғифлати саъии талаб берун нарафт аз тинатам

غفلت سعی طلب بیرون نرفت از طینتم

Хоби поеи доштами чашмам агар бедор буд

خواب پایی داشتم چشمم اگر بیدار بود

Офият дар машраби ман боргнҷоиш надошт

عافیت در مشرب من بارگنجایش نداشت

Бас ки ҷомам чун шарар аз сӯхтани саршор буд

بس که جامم چون شرر از سوختن سرشار بود

Ин дабистони чашми қурбонии сет каз бе матлабӣ

این دبستان چشم قربانی‌ست ‌کز بی‌مطلبی

Нақши лавҳаши бисўоду хомаҳо бекор буд

نقش لوحش بیسواد و خامه‌ها بیکار بود

Қсргрдўнро зи пастии рифъати як поя нест

قصرگردون را ز پستی رفعت یک پایه نیست

Гардани Мансурро ҳарфи баландаши дор буд

گردن منصور را حرف بلندش دار بود

Масдар таъзим шуд ҳаркаси зи бдхўиии гузашт

مصدر تعظیم شد هرکس ز بدخویی گذشت

Нардбони авҷи иззати вазъи ноҳамвор буд

نردبان اوج عزت وضع ناهموار بود

Дил ба ҳасрат хӯн шуду муҳаррами навоеи брнхост

دل به‌حسرت خون‌شد و محرم‌نوایی برنخاست

Нолаи Фарҳоди мо беруни ин кҳсор буд

نالهٔ فرهاد ما بیرون این ‌کهسار بود

Шухии назора бар ойӣна мо шуд нафас

شوخی نظاره بر آیینهٔ ما شد نفس

Чашм бар ҳам бастаи бедили хилвати дидор буд

چشم بر هم بسته بیدل خلوت دیدار بود