Шаб ки дар базми адаби қонӯни ҳайрати соз буд
شب که در بزم ادب قانون حیرتساز بود
Изтироби ранги барҳам хӯрдани овоз буд
اضطراب رنگ برهم خوردن آواز بود
Дар шиканҷи азлат охртўтё шуд пайкарам
در شکنج عزلت آخرتوتیا شد پیکرم
Боли впр бар ҳам ниҳодани чнгли шаҳбоз буд
بال وپر بر هم نهادن چنگل شهباز بود
Софӣ дил кард лавҳи машқи сад андеша ам
صافی دل کرد لوح مشق صد اندیشهام
Ёди айёмӣ ки ин ойӣна бепардоз буд
یاد ایامی که این آیینه بیپرداز بود
Костами чндонкаҳи бастами нақши он мӯии миён
کاستم چندانکه بستم نقش آن موی میان
Нотавонӣҳои ман калаки хати эъҷоз буд
ناتوانیهای منکلک خط اعجاز بود
Ҳасрати васли ту гул кард аз надоматҳои ман
حسرت وصل تو گل کرد از ندامتهای من
Дасти барҳами судаи таҳрики лаби ғмозбўд
دست برهم سوده تحریک لب غمازبود
Нави ниёзи улфати доғ муҳаббат нестам
نو نیاز الفت داغ محبت نیستم
Тифли ашкам чун шарар дар санги отшбоз буд
طفل اشکم چون شرر در سنگ آتشباز بود
Ишқ бе парвои димоғи имтиҳон мо надошт
عشق بیپروا دماغ امتحان ما نداشت
Варна мушти хоки мо ҳам қобили парвоз буд
ورنه مشت خاک ما هم قابل پرواز بود
Дасти моу домани ҳайрат ки дар базми висол
دست ما و دامن حیرتکه در بزم وصال
Умр бигузашт ва ҳамон чашм надидан боз буд
عمر بگذشت و همان چشم ندیدن باز بود
Коши мо ҳам як ду дам бо сӯхтан ме сохтем
کاش ما هم یک دو دم با سوختن میساختیم
Шамъ дар анҷоми доғи ҳасрати оғоз буд
شمع در انجام داغ حسرت آغاز بود
Даврии васлаши тилисми эътибори мо шикаст
دوری وصلش طلسم اعتبار ما شکست
Варна ин аҷзӣ ки май бинии ғурури ноз буд
ورنه این عجزیکه می بینی غرور ناز بود
Ончӣ дар саҳрои касрат сӯрат вомондагӣаст
آنچه در صحرایکثرت صورت واماندگیست
Дар тамошогоҳи ваҳдат шухӣ андоз буд
در تماشاگاه وحدت شوخیانداز بود
Дрхўрксўт кунун хҷлткш расвоӣ ам
درخورکسوتکنون خجلتکش رسواییام
Умрҳо урёнии ман пардаи дори роз буд
عمرها عریانی من پردهدار راز بود
Як гуҳар бе забти мавҷ аз баҳри имкон гул накард
یکگهر بیضبط موج از بحر امکان گل نکرد
Ҳар сиррии кондўхти ҷамъияти гиребони соз буд
هر سریکاندوخت جمعیت گریبانساز بود
Ҳастӣ мо нест бедили ғайри изҳори адам
هستی ما نیست بیدل غیر اظهار عدم
То хамӯшӣ парда аз рух барфаканд овоз буд
تا خموشی پرده از رخ برفکند آواز بود