Рӯзӣ ки бе ту домани заъфам ба чанг буд

روزی که بی تو دامن ضعفم به چنگ بود

Аксами зи оби оина дар зери занг буд

عکسم ز آب آینه در زیر زنگ بود

Чун лолаи зин баҳор начедем ғайри доғ

چون لاله زین بهار نچیدیم غیر داغ

Ойӣнаи дории нафаси изҳори ранг буд

آیینه‌داری نفس اظهار رنگ بود

Парвозҳо ба зери фалаки маҳв бол монад

پروازها به زیر فلک محو بال ماند

Гардӣ нашуд баланди зи баси арсаи танг буд

گردی نشد بلند ز بس عرصه تنگ بود

Бӯси кафши табассуми субҳ умед кист

بوس کفش تبسم صبح امید کیست

ӣнҷои ҳамин баҳори ҳинои гул ба чанг буд

اینجا همین بهار حنا گل به چنگ بود

Дар олимӣ ки бихбр аз худ гузаштан аст

در عالمی ‌که بیخبر از خود گذشتن است

Андешаи шитоби тилисми диранг буд

اندیشهٔ شتاب طلسم درنگ بود

Сабрии магари талофии озор мо кунад

صبری مگر تلافی آزار ما کند

Минои шикастаи ончӣ ба дили басти санг буд

مینا شکسته ‌آنچه ‌به دل بست سنگ بود

Занҷири мо чу зулф батон монад бе садо

زنجیر ما چو زلف بتان ماند بی‌صدا

Аз баси ғубори дашти ҷунуни серумаи ранг буд

از بس غبار دشت جنون سرمه رنگ بود

Ҳайрати кафили икмжаҳи тамҳид хоб нест

حیرت ‌کفیل یکمژه تمهید خواب نیست

Оинаи доғи сояи девори занг буд

آینه داغ سایهٔ دیوار زنگ بود

Оҳӣ накард гул ки дамӣ аз худами набард

آهی نکرد گل ‌که دمی از خودم نبرد

Ранг шикастаам пари чандини хаданг буд

رنگ شکسته‌ام پر چندین خدنگ بود

Бедил ба ҷайби хеши фурӯи баради ҳайратам

بیدل به‌ جیب خویش فرو برد حیرتم

Чашм ба ҳам наёмада коми наҳанг буд

چشم به هم نیامده ‌کام نهنگ بود