Гузашти умр ба ларзиданами зи биму умед
گذشت عمر به لرزیدنم ز بیم و امید
Қазо навишт магари сархатам ба сояи бед
قضا نوشت مگر سرخطم به سایهٔ بید
Саҳари дмондни перӣ чаҳ шомҳокаҳ надошт
سحر دماندن پیری چه شامهاکه نداشت
Сиёҳ кард ҷаҳонам ба дидаи мӯии сифед
سیاهکرد جهانم به دیده موی سفید
зи давр май шинавамгар забони мо ва шумост
ز دور میشنوم گر زبان ما و شماست
Ҷлоҷлӣ ки садои баста бар дафи ноҳид
جلاجلیکه صدا بسته بر دف ناهید
Ҷузи ихтироъи ҷунуни амл тарозон нест
جز اختراع جنون امل طرازان نیست
Қиёмати ду нафаси умру ҳасрати ҷовид
قیامت دو نفس عمر و حسرت جاوید
Талоши халқ ба ҷое намерасад аммо
تلاش خلق به جایی نمیرسد امّا
Ҳамон ба дӯши нафас ноқа мекашад умед
همان به دوش نفس ناقه میکشد امید
Ҳазари зи нашъаи давлат ки мастии як ҷом
حذر ز نشئهٔ دولت که مستی یک جام
Ҳануз мешаканд шишаи барсари ҷамшед
هنوز میشکند شیشه برسر جمشید
Намонад илму ҳунари ишқ то ба ёд омад
نماند علم و هنر عشق تا به یاد آمد
Чароғҳо ҳама гул кард домани хуршед
چراغها همه گل کرد دامن خورشید
Ғубори қофилаи рафтагони пурафшони сет
غبار قافلهٔ رفتگان پرافشانست
Ки эй нафаси қадмон шом шуд ба мо барисед
که ای نفس قدمان شام شد به ما برسید
Кудурат аз дил манъам намеравад бедил
کدورت از دل منعم نمیرود بیدل
Чаҳ мумкинаст ки чинӣ расад ба мӯии сифед
چه ممکن است که چینی رسد به موی سفید