Хаёли чашм ки соғар ба чанг ме ояд
خیال چشمکه ساغر به چنگ میآید
Ки олимӣ ба нзршишаҳ ранг ме ояд
که عالمی به نظرشیشه رنگ میآید
Ба ҳайратам чу нафаси қосид чаҳ мактубам
به حیرتم چو نفس قاصد چه مکتوبم
Ки рафтанами ҳамаи ҷо бедиранг ме ояд
که رفتنم همه جا بی درنگ میآید
Куҷои рӯм ки чу ашкам ба ҳар қадами задане
کجا روم که چو اشکم به هر قدم زدنی
Ҳазор қофилаи узр ланг ме ояд
هزار قافلهٔ عذر لنگ میآید
Чаҳ ҳимматаст ки нозад касе ба тарки ҳавас
چه همت است که نازد کسی به ترک هوس
Марои гузаштани азин ном нанг ме ояд
مرا گذشتن ازین نام ننگ میآید
Дил аз фиреби сафо ҷамъ кун ки охркор
دل از فریب صفا جمعکن که آخرکار
зи оби оинаҳо зер занг ме ояд
ز آب آینهها زیر زنگ میآید
Ба гмрҳии зан ва аз миннати хаёли бро
به گمرهی زن و از منت خیال برآ
Ки Хизр низ зи саҳроӣ банг ме ояд
که خضر نیز ز صحرای بنگ میآید
Ғубори дили зи пари афшонии нафаси дрбоб
غبار دل ز پر افشانی نفس درباب
Ки ҳарчӣ ҳаст дарин хона танг ме ояд
که هرچه هست درین خانه تنگ میآید
Аъонти зуъафои моя зафар гиред
اعانت ضعفا مایهٔ ظفر گیرید
Пари шикаста ба кор хаданг ме ояд
پر شکسته به کار خدنگ میآید
Хамӯш бош ки то дами зании дарин кҳсор
خموش باش که تا دم زنی درین کهسار
Ҳазор шиша ба пой таранг ме ояд
هزار شیشه به پای ترنگ میآید
Ба ҳар нигин ки наҳй гӯшу фаҳм ном кунӣ
به هر نگین که نهی گوش و فهم نام کنی
Садоӣ кӯфтани сар ба санг ме ояд
صدای کوفتن سر به سنگ میآید
зи худ ба ёди нигоҳ ки май рӯй бедил
ز خود به یاد نگاهکه میروی بیدل
Ки аз ғубори ту буи фаранг ме ояд
که از غبار تو بوی فرنگ میآید