Нафаси ҳам аз дили ман бе шикастан барнаме ояд

نفس هم از دل من بی‌شکستن برنمی‌آید

Аз ин минои шаробии ғайри шеван барнаме ояд

از این مینا شرابی غیر شیون برنمی‌آید

Гудоз худ шуд охири уқдаи Фрсои дили тангам

گداز خود شد آخر عقده‌فرسای دل تنگم

Кушоди кори гавҳари ғайр судан барнаме ояд

گشاد کار گوهر غیر سودن برنمی‌آید

Чу фақрат соз шуд барги таҷаммулҳо ба сомон кун

چو فقرت ساز شد برگ تجملها به سامان‌ کن

Ки тухм аз хоксории ғайри хирман барнаме ояд

که تخم از خاکساری غیر خرمن برنمی‌آید

Таматтуъи орзӯи дории зи чарх аз ростӣ бигузар

تمتع آرزو داری ز چرخ از راستی بگذر

Ки бе ангушти каҷ аз кӯзаи равған барнаме ояд

که بی‌انگشت کج از کوزه روغن برنمی‌آید

Шиканҷи хонимон онгаҳ димоғи арзи озодӣ

شکنج خانمان آنگه دماغ عرض آزادی

Садо аз ҷому мино бе шикастан барнаме ояд

صدا از جام و مینا بی‌شکستن برنمی‌آید

Каманди нола аз дил барнаме дорад гаронӣ ро

کمند ناله از دل برنمی‌دارد گرانی را

Ба санги кӯҳи зӯр ҳар фалохан барнаме ояд

به سنگ‌کوه زور هر فلاخن برنمی‌آید

Заъифии ашки моро маҳв дар назора кард охир

ضعیفی اشک ما را محو در نظاره‌ کرد آخر

Ба осонии гиреҳ аз чашми сӯзан барнаме ояд

به آسانی‌گره از چشم سوزن برنمی‌آید

Замонии ғунчаи шӯ аз гулшану саҳро чаҳ май хоҳӣ

زمانی‌غنچه‌ شو از گلشن‌ و صحرا چه می‌خواهی

Ба сомони гиребони ҳеҷ доман барнаме ояд

به سامان‌گریبان هیچ دامن برنمی‌آید

Чу оҳ бе асари восўхтм аз нанги бекорӣ

چو آه بی‌اثر واسوختم از ننگ بیکاری

Магар аз худ броими дигар аз ман барнаме ояд

مگر از خود برآیم دیگر از من برنمی‌آید

Нафаҳмида сети роҳ лаб навой шикваам бедил

نفهمیده‌ست راه لب نوای شکوه‌ام بیدل

Ки ин дӯд аз заъифӣ то ба равзан барнаме ояд

که این دود از ضعیفی تا به روزن برنمی‌آید