Сохтам қонеъи дил аз офияти бегона ро

ساختم قانعْ دلِ از عافیت بیگانه را

Барги бедӣ фарш кардам хонаи девона ро

برگِ بیدی فرش‌ کردم خانهٔ دیوانه را

Матлабам аз май парастии трдмоғӣ ҳо набӯд

مطلبم از می‌پرستی تَردماغی‌ها نبود

Як ду соғар об додам гиряи мастона ро

یک‌دو ساغر آب دادم‌ گریهٔ مستانه را

Дили сапанди гардиши чашмӣ ки ёди мастӣ аш

دل سپندِ گردشِ چشمی‌ که یادِ مستی‌اش

Шуъла ҷувола месозад хати паймона ро

شعلهٔ جوّاله می‌سازد خط پیمانه را

Илтифоти ишқи оташи рехт дар бунёди дил

التفاتِ عشق آتش ریخت در بنیاد دل

Сайл шуд трдстии меъмор , ин вайрона ро

سیل شد تردستیِ معمار، این ویرانه را

То кунам тамҳиди оғӯшии дил аз ҷо рафта аст

تا کنم تمهید آغوشی دل از جا رفته است

Дар гушӯдани шҳпри парвоз буд ин хона ро

در گشودن شهپر پرواز بود این خانه را

Олимиро инфеъоли вазъ бекорӣ гудохт

عالمی را انفعال وضع بیکاری گداخت

Нохуни срхории дил ҳо магардон шона ро

ناخن سرخاری دل‌ها مگردان شانه را

Ҳар сапандии гӯши чандини базм май молад ба ҳам

هر سپندی‌ گوش چندین بزم می‌مالد به‌هم

Хўобнокони кош аз мо бишинаванд афсона ро

خوابناکان کاش از ما بشنوند افسانه را

Ҳоили он шамъи яктоеи фузулӣ ҳои туаст

حایلِ آن شمعِ یکتایی فضولی‌های توست

Аз назар бурдор чун мижгони пари парвона ро

از نظر بردار چون مژگان پَرِ پروانه را

Огаҳигар решаи пардоз ҷаҳонӣ ме шавад

آگهی گر ریشه‌پرداز جهانی می‌شود

Сайри ин мазраъи яке сад май намояди дона ро

سیر این مزرع یکی صد می‌نماید دانه را

Ҳақи зуннори вафо бедил намегардад адо

حقِ زنار وفا بیدل نمی‌گردد ادا

То сулаймонӣ насозӣ санги ин бтхонаҳ ро

تا سلیمانی نسازی سنگ این بتخانه را

Хониш
ғзл шморҳ 161 — ъндлӣб