Субҳӣ ба гӯши ибратам аз дил садо расед
صبحی بهگوش عبرتم از دل صدا رسید
К-эии бихбрбаҳ мо нарасед онкии ворасӣад
کای بیخبربه ما نرسید آنکه وارسید
Дарёст қатрае ки ба дарё расида аст
دریاست قطرهای که به دریا رسیده است
Ҷузи мо касе дигар натавонад ба мо расед
جز ما کسی دگر نتواند به ما رسید
Саъии нафаси зи дили сар мӯе нарафт пеш
سعی نفس ز دل سر مویی نرفت پیش
Ҷое ки кас намерасад ин норасо расед
جایی که کس نمیرسد این نارسا رسید
Музди Фсрднӣ ки ба хокам қадам занад
مزد فسردنیکه به خاکم قدم زند
Ёди қадат ба сайри баҳорам Асо расед
یاد قدت به سیر بهارم عصا رسید
Осӯдагӣ ба хок нишинон мусаллам аст
آسودگی به خاکنشینان مسلم است
Ин ҳарфам аз садои не бўрбо расед
این حرفم از صدای نی بوربا رسید
Дунё ки тоҷи каҷи каллаони нақш пой ӯст
دنیا که تاج کجکلهان نقش پای اوست
Бар мо ғубори рехт ки то пушт по расед
بر ما غبار ریختکه تا پشت پا رسید
Табъ туро мабод фузул ҳавас кунад
طبع ترا مباد فضول هوسکند
Мироси соя эй ки зи бол ҳумо расед
میراث سایهای که ز بال هما رسید
Ушшоқи дигар аз ки вафо орзӯ кунанд
عشاق دیگر از که وفا آرزو کنند
Дил низ рафтаи рафта ба он бевафо расед
دل نیز رفته رفته به آن بیوفا رسید
Чун нолае ки бугзарад аз бндбнднӣ
چون نالهای که بگذرد از بندبندنی
Сад ҷо нишаст ҳасрати дил то ба мо расед
صد جا نشست حسرت دل تا به ما رسید
То водии ғубори нафас тай наме шавад
تا وادی غبار نفس طی نمیشود
Натавон ба мақсади дил бемуддао расед
نتوان به مقصد دل بی مدعا رسید
Бар ғифлати инфеъол ва ба огоҳии инбисот
بر غفلت انفعال و به آگاهی انبساط
Брҳркаҳ ҳарчӣ мерасад азмстФо расед
برهرکه هرچه میرسد ازمصطفا رسید
Аз худ гузаштании сети фалаки тозии нигоҳ
از خود گذشتنیست فلک تازی نگاه
То нагузарӣ зхўд натавон ҳеҷ ҷо расед
تا نگذری زخود نتوان هیچ جا رسید
Хӯни дилӣ ба дидаи бедил магар намонад
خون دلی به دیده بیدل مگر نماند
Каз баҳри пои бӯси ту ранг ҳино расед
کز بهر پایبوس تو رنگ حنا رسید