Паҳлу ба чарх мезанад имрӯзи ҷоҳи ид

پهلو به چرخ می‌زند امروز جاه عید

Каҷ кардааст бози маи нави кулоҳи ид

کج کرده است باز مه نو کلاه عید

Дорад зи моҳи нави ҳамаи тани як хати ҷабин

دارد ز ماه نو همه تن یک خط جبین

Ёрб бар остон ки афтод роҳи ид

یارب بر آستان که افتاد راه عید

Гуё ба васфи қиблаи маънии навози мост

گویا به وصف قبلهٔ معنی‌نواز ماست

Ин мисраи баланди фалаки дастгоҳи ид

این مصرع بلند فلک دستگاه عید

Он қиблае ки ҷониби миҳроби абрўбш

آن قبله‌ای‌ که جانب محراب ابروبش

Хам дорад аз ҳилоли ғурури нигоҳи ид

خم دارد از هلال غرور نگاه عید

Субҳ вафо сиришта лаби мҳрпрўрш

صبح وفا سرشته لب مهرپرورش

Дорад табассумӣ ки наёяд зи моҳи ид

دارد تبسمی‌ که نیاید ز ماه عید

Ҳарчанд аз ҳилол рақам кард рӯзгор

هرچند از هلال رقم ‌کرد روزگار

Дар чашми эътибори хаттӣ аз гувоҳи ид

در چشم اعتبار خطی از گواه عید

Пеш дараш зи хиҷлати таслим бедил аст

پیش درش ز خجلت تسلیم بیدل است

То осмони нишони лаби узрхоҳи ид

تا آسمان نشان لب عذرخواه عید