Аз ғубори ҷилваи ғайри ту то бастами назар

از غبار جلوه غیر تو تا بستم نظر

Чун сафи мижгони ду олам маҳв шуд дар икдгр

چون صف مژگان دو عالم محو شد در یکدگر

Бастаам маҳмил ба дӯши яъс ва аз худ май рӯм

بسته‌ام محمل به دوش یأس و از خود می‌روم

Бол парвозӣ надорад субҳи ҷузи чоки ҷигар

بال پروازی ندارد صبح جز چاک جگر

Хизмати мӯии миёнати токаро бошад насиб

خدمت موی میانت تاکه را باشد نصیب

Глрхонро зини ҳаваси зуннор май бандади камар

گلرخان را زین هوس زنار می‌بندد کمر

Чун гуҳари зини пеши сомони сиришкии доштам

چون‌گهر زین پیش سامان سرشکی داشتم

Ин замонам нест ҷзҳирти суроғи чашм тар

این زمانم نیست جزحیرت سراغ چشم تر

Ваҳшати ҳасрат ба ин кмФрстии мхмўркист

وحشت حسرت به این کمفرصتی مخمورکیست

Сӯрат хамёза дорад чини домони саҳар

صورت خمیازه دارد چین دامان سحر

Олимиро аз тағофули рабт улфат дода ем

عالمی را از تغافل ربط الفت داده‌ایم

Нест мижгони қобили шероза бе забти назар

نیست مژگان قابل شیرازه بی‌ضبط نظر

Ин тани осонии далели ваҳшат саршор нест

این تن‌آسانی دلیل وحشت سرشار نیست

Ҳарқадр афсурда гардад санг май бандади камар

هرقدر افسرده گردد سنگ می‌بندد کمر

Гар фалак беэътиборат кард ҷой шиква нест

گر فلک بی‌اعتبارت‌ کرد جای شکوه نیست

Бар ҳаловати бастае дил чун гиреҳ дар нешикар

بر حلاوت بسته‌ای دل چون‌ گره در نیشکر

Фикри фардо чанд аз ин хоки ғубор омода аст

فکر فردا چند از این خاک غبار آماده است

Ҳам ту хоҳӣ буд субҳи хеш ё субҳ дигар

هم‌ تو خواهی بود صبح خویش یا صبح دگر

Сайри рангу бӯи ҳаваси дории згл ғофил мабош

سیر رنگ و بو هوس داری زگل غافل مباش

Шухӣ парвоз натавон дид ҷуз дар болу пар

شوخی پرواز نتوان دید جز در بال و پر

Чанд бояд шуд ҳаваси Фрсўди касби эътибор

چند باید شد هوس‌فرسود کسب اعتبار

Сари ҳам эй ғофил наме арзад ба чандини дардисар

سر هم ای غافل نمی‌ارزد به چندین دردسر

Манзили саргаштагони роҳи аҷзи афтодагии сет

منزل سرگشتگان راه عجز افتادگی‌ست

То дил хокаст бедили ашкро ҳади сафар

تا دل خاک است بیدل اشک را حد سفر