Чашми таъзим азгарон ҷонони ин маҳфили мадор
چشم تعظیم از گرانجانان این محفل مدار
Кӯфтан гардад Асо каз санг бархезад шарор
کوفتن گردد عصا، کز سنگ برخیزد شرار
Сайри ин гулшани молши инфеъоли хуррамии сет
سیر این گلشن مآلش انفعال خرمیست
Оқибати сар дар шикасти ранг май дуздади баҳор
عاقبت سر در شکست رنگ میدزدد بهار
Ҳарчӣ меболад илм бар дӯши гирди оҷизии сет
هرچه میبالد علم بر دوش گرد عاجزیست
Нитсаатон шуд арса аз ангуштҳои зинҳор
نیستان شد عرصه از انگشتهای زینهار
Аз баннои чинӣ дил кист бардорад шикаст
از بنای چینی دل کیست بردارد شکست؟
эй фалакгар мардии ин мӯ аз хамир мо барор
ای فلک گر مردی این مو از خمیر ما برآر
Нашъаи давру тасалсули токаи рогрдди насиб
نشئهٔ دور و تسلسل تا که را گردد نصیب
Ҷои соғари шшҷҳт хамёза мечӣанд хумор
جای ساغر شش جهت خمیازه میچیند خمار
Дили зи забти як нафаси ҷамъият куляш нест
دل ز ضبط یک نفس جمعیت کلّیش نیست
Баҳри зи афсуни гуҳар то кӣ з худ гирад канор
بحر ز افسون گهر تا کی ز خود گیرد کنار؟
Олами имкони тмошохонаҳ ойӣна аст
عالم امکان تماشاخانهٔ آیینه است
Ҳарчӣ май байнам ба ранги рафтаи хешами дучор
هرچه میبینم به رنگ رفتهٔ خویشم دچار
Бо дили афтодаи сети кори зиндагӣ огоҳ бош
با دل افتادهست کار زندگی، آگاه باش
Обро ночор бояд гашти дргўҳри ғубор
آب را ناچار باید گشت در گوهر غبار
Марзбони яъси имшаби номи Фарҳод ки буд
بر زبان یأس امشب نام فرهاد که بود؟
Каз гаронӣ шуд садои нақши нигини кӯҳсор
کز گرانی شد صدا نقش نگین کوهسار
Буии пероҳан ба ҳасрат кард халқиро мисл
بوی پیراهن به حسرت کرد خلقی را مثل
намекашад як дидаи ёқӯби чандини интизор
میکشد یک دیدهٔ یعقوب چندین انتظار
Аз нафаси саъии ҷунуни ноқисами фаҳмидании сет
از نفس، سعی جنون ناقصم فهمیدنیست
Сад гиребон май дирам аммо ҳамин як риштаи вор
صد گریبان میدرم، اما همین یک رشتهوار
Май кашам то қомати перии сети бор ҳарчӣ ҳаст
میکشم تا قامت پیریست بار هرچه هست
Гӯи фалаки дӯши хами худ низ бар дӯшами гузор
گو فلک دوش خم خود نیز بر دوشم گذار
Бӯрёии фақрами охири шуҳра офоқ шуд
بوریای فقرم آخر شهرهٔ آفاق شد
Ҳар сари мӯии ман ӣнҷо чун нафас шуд неи савор
هر سر موی من اینجا چون نفس شد نیسوار
Заҳмати фикри дрўдн то кӣ эй кишти амл
زحمت فکر درودن تا کی، ای کشت امل؟
Пуркуҳан шуд реша акнӯн гардан дигар барор
پر کهن شد ریشه، اکنون گردن دیگر برآر
Бедил аз илму амалгар муддао ҷамъият аст
بیدل از علم و عمل گر مدعا جمعیت است
Ҳеҷ кории ғайр бекорӣ намеояд ба кор
هیچ کاری غیر بیکاری نمیآید بهکار