Зиҳии з рӯй ту ойӣнаи офтоби мейр
زهی ز روی تو آیینه آفتاب میر
Нигаҳ ба сайри ҷабини ту мавҷи соғари шер
نگه به سیر جبین تو موج ساغر شیر
Ба олимӣ ки туе норсости кӯшишҳо
به عالمی که تویی نارساست کوششها
Вагарнаи нола ошиқ намекунад тақсир
وگرنه نالهٔ عاشق نمیکند تقصیر
Баёзи шеър ба тӯфон равад чу коғази бод
بیاض شعر به توفان رود چو کاغذ باد
зи васфи зулфи тугар мисраӣ кунам таҳрир
ز وصف زلف تو گر مصرعی کنم تحریر
зи ҳоли мо ба тағофули гузаштан осон нест
ز حال ما به تغافل گذشتن آسان نیست
Чу об оина дорем хоки домангир
چو آب آینه داریم خاک دامنگیر
Сапанди ним нафаси бол ихтиёр надошт
سپند نیم نفس بال اختیار نداشت
Ки басти маҳмили парвози мо ба дӯши сафир
که بست محمل پرواز ما به دوش صفیر
зи чашми аҳли таҳайюри нишон ашк махоҳ
ز چشم اهل تحیر نشان اشک مخواه
Ки кас гулоб намегирад аз гули тасвир
که کس گلاب نمیگیرد از گل تصویر
Ба зиндагӣ чу нафас беталош натавон зист
به زندگی چو نفس بیتلاش نتوان زیست
Ҳавои роҳат агар афшурди димоғ , бимир
هوای راحت اگر افشرد دماغ، بمیر
Баҷост бо ҳамаи ваҳшати таъаллуқи авҳом
بجاست با همه وحشت تعلق اوهام
Нашуд ба нолаи муяссари гусастани занҷир
نشد به ناله میسر گسستن زنجیر
Ба ашку оҳ ки ҷузи дом ноумедӣ нест
به اشک و آه که جز دام ناامیدی نیست
Чу шамъ чанд кунам ранги рафтаро тасхир
چو شمع چند کنم رنگ رفته را تسخیر
Фиғон ки бсмли маҳрӯми ман ба ранги шарор
فغان که بسمل محروم من به رنگ شرار
Набарди завқ тапидан ба фурсати як тир
نبرد ذوق تپیدن به فرصت یک تیر
Ба хоки рехти фалаки боли тоқатами бедил
به خاک ریخت فلک بال طاقتم بیدل
Ба ҳукми ҳафт камон то куҷои пурди як тир
به حکم هفت کمان تا کجا پرد یک تیر