Дил қиёмат мекунад аз табъ ношодм мапурс
دل قیامت می کند از طبع ناشادم مپرس
Бесутуни як нола мегардад з Фарҳодам мапурс
بیستون یک ناله میگردد ز فرهادم مپرس
Номи ҳам муфтаст , анқо бишинав ва хомӯш бош
نام هم مفت است، عنقا بشنو و خاموش باش
Сад адам аз ҳастӣ он сӯем з эҷодам мапурс
صد عدم از هستی آن سویم ز ایجادم مپرس
Маҳфили орои ҳузурами хилват нисён ӯст
محفلآرای حضورم خلوت نسیان اوست
Гӯ фаромӯшам нахоҳӣ ҳеҷаш аз ёдам мапурс
گو فراموشم نخواهی هیچش از یادم مپرس
Паҳлавӣ худмай хӯрам чун шамъу азхўд май рӯм
پهلویخودمیخورم چون شمعو ازخود میروم
Раҳнаварди водии таслимам аз зодам мапурс
رهنورد وادی تسلیمم از زادم مپرس
Тӯҳмат ташвиш натавон бар мизоҷи сояи баст
تهمت تشویش نتوان بر مزاج سایه بست
Хоб амнӣ дорам аз аҷз худододам мапурс
خواب امنی دارم از عجز خدادادم مپرس
То мижа дар ҷунбиш ояд офият хокистар аст
تا مژه در جنبش آید عافیت خاکستر است
Шамъи базми яъсам аз ашк шррзодм мапурс
شمع بزم یأسم از اشک شررزادم مپرس
Ҳамчуи товусам ба чандини ранги маҳви ҷилва Эй
همچو طاووسم به چندین رنگ محو جلوهای
Нақш домам дидӣ аз найранг сайёдам мапурс
نقش دامم دیدی از نیرنگ صیادم مپرس
Кас дар ин маҳфили забони дони чароғ кушта нест
کس در این محفل زباندان چراغکشته نیست
Аз хамӯшӣ серума гардидам з фарёдам мапурс
از خموشی سرمه گردیدم ز فریادم مپرس
Об дар ойӣнаи бедили ҳарф зангорасту бас
آب در آیینه بیدل حرف زنگار است و بس
Сайл агар гардии суроғи кулуфт ободам мапурс
سیل اگر گردی سراغ کلفتآبادم مپرس