Газанди зиндагонӣ дар кафан ҷисмаст тадбираш
گزند زندگانی در کفن جسم است تدبیرش
Сумуми онҷо ки зӯри орад алоҷӣ нест ҷузи шераш
سموم آنجا که زور آرد علاجی نیست جز شیرش
Чаҳ миғнотис ҳал карда сет ёрб хӯни нахҷӣраш
چه مغناطیس حل کردهست یارب خون نخجیرش
Ки пайкони як қадам пешаст аз саъии пртирш
که پیکان یک قدم پیش است از سعی پرتیرش
Ба дарёи барад аз дашти ҷунуни девонаи мо ро
به دریا برد از دشت جنون دیوانهٔ ما را
Ҳуҷуми обила яъне ҳубоби мавҷи занҷираш
هجوم آبله یعنی حباب موج زنجیرش
Азин саҳрои ҳайрати гирди найранг ки ме болад
ازین صحرای حیرت گرد نیرنگ که میبالد
Ки мижгон дар пар товус дорад чашми нахҷӣраш
که مژگان در پر طاووس دارد چشم نخجیرش
зи нафии сояи нури ойӣна исбот ме гардад
ز نفی سایه نور آیینهٔ اثبات میگردد
Шавад ёрб шикасти ранги мо ҳам сарфи тасвираш
شود یارب شکست رنگ ما هم صرف تصویرش
Ба гирди серумаи хобидаи сети мағзи устихони мо
به گرد سرمه خوابیدهست مغز استخوان ما
Ки шояд лиззатӣ дуздем зи овози неи тираш
که شاید لذتی دزدیم ز آواز نی تیرش
Парешон ҳолем ҷамъиятӣ дигар наме хоҳад
پریشان حالیم جمعیتی دیگر نمیخواهد
Баннои зулф бас бошад шикасти хеши таъмираш
بنای زلف بس باشد شکست خویش تعمیرش
Сар аз савдоӣ ҳастӣ ӣнқадар натавон тиҳӣ кардан
سر از سودای هستی اینقدر نتوان تهیکردن
Ки шасти ин косаро ё раб ба мавҷи оби шамшераш
که شست این کاسه را یا رب به موج آب شمشیرش
Дарин водии таъаллуқпарвар ғифлат дилӣ дорам
درین وادی تعلق پرور غفلت دلی دارم
Ки ҳамчун пои бекорон раг хобаст занҷираш
که همچون پای بیکاران رگ خوابست زنجیرش
Ба сад ҳасрати хаёлатро муқӣм дил наме хоҳам
به صد حسرت خیالت را مقیم دل نمیخواهم
Ки май тарсам бар оради кулуфти ин хонаи дилгираш
که میترسم بر آرد کلفت این خانه دلگیرش
Нафасҳо сӯхтам дар арзи матлаб ашк шуд ҳосил
نفسها سوختم در عرض مطلب اشک شد حاصل
Арақ кард оҳи ман охири зи хиҷлатҳои таъсираш
عرق کرد آه من آخر ز خجلتهای تأثیرش
Ба чандини саъии паии барадам ки аз худ рафтаам бедил
به چندین سعی پی بردم که از خود رفتهام بیدل
Расонади ин шамъро бо нақши пои хеши шбгирш
رساند این شمع را با نقش پای خویش شبگیرش