Ба бар кашид зи баси ҷӯши нозукии тангаш

به بر کشید ز بس جوش نازکی تنگش

Фишори чини ҷабини рехт бо арақи рангаш

فشار چین جبین ریخت با عرق رنگش

Дарин чамани сару барги ҳузури ранги крост ?

درین چمن سر و برگ حضور رنگ‌ کراست‌؟

Ҳино агар накушуд домани гул аз чангаш

حنا اگر نکشد دامن گل از چنگش

Гулӣ ки буии вафои ту дар назар дорад

گلی‌ که بوی وفای تو در نظر دارد

Ба санги ҳам чаҳ хаёласт бишиканади рангаш

به سنگ هم چه خیال است بشکند رنگش

Ба ҳайратам чаҳ таманнои шикасти домани ашк

به حیرتم چه تمنا شکست دامن اشک

Ки дарди обила пое намекунад лангаш

که درد آبله پایی نمی‌کند لنگش

Хирад надошт сару барги нашъаи таҳқиқ

خرد نداشت سر و برگ نشئهٔ تحقیق

зи як ду ҷоми расонадам ба олами бангаш

ز یک دو جام رساندم به عالم بنگش

Талоши водӣ навмидӣам аз он беш аст

تلاش وادی نومیدی‌ام از آن بیش است

Ки ашк сбҳаҳ кашад дар шумори фарсангаш

که اشک سبحه‌ کشد در شمار فرسنگش

Мазори кӯҳкани он дам ки бечароғ шавад

مزار کوهکن آن دم که بی‌چراغ شود

Фатила тарканд аз хӯни ман раги сангаш

فتیله ترکند از خون من رگ سنگش

Агар зи оинаи дил ғубор бурдоранд

اگر ز آینهٔ دل غبار بردارند

Абири перҳан каъба ҷӯшад аз рангаш

عبیر پیرهن ‌کعبه جوشد از رنگش

Наёфтем дар ин ибрати анҷуман созӣ

نیافتیم در این عبرت انجمن سازی

Ки чун сапанди нғлтд ба серумаи оҳангаш

که چون سپند نغلتد به سرمه آهنگش

Ба хеш боз нашуд чашми мо зи ваҳшати умр

به خویش باز نشد چشم ما ز وحشت عمر

Дигар чаҳ кори кушояди зи фурсати тангаш

دگر چه کار گشاید ز فرصت تنگش

Ба чори сӯй тааммул наёфтам бедил

به چار سوی تامل نیافتم بیدل

Тарозуе ки гаронтар зи дил буд сангаш

ترازویی ‌که ‌گرانتر ز دل بود سنگش