Надошт пурвои арзи ҷавҳар , сафои ойӣнаи фарангаш
نداشت پروای عرض جوهر، صفای آیینهٔ فرنگش
Табассум имсол кард пайдои раҳгии зи ёқӯти шуълаи рангаш
تبسم امسال کرد پیدا رگی ز یاقوت شعله رنگش
Шикаст аз он чашми фитнаи моили ғубори имкон ба боли бсмл
شکست از آن چشم فتنه مایل غبار امکان به بال بسمل
Мабош аз афсуни серумаи ғофил ҳануз дастӣаст зери сангаш
مباش از افسون سرمه غافل هنوز دستی است زیر سنگش
Ба марғзорӣ ки наргис ӯ кунад нигоҳии зи кунҷи абрӯ
به مرغزاری که نرگس او کند نگاهی ز کنج ابرو
зи доғи худ ҳамчуи чашми оҳӯ ба ноз чашмак занад палангаш
ز داغ خود همچو چشم آهو به ناز چشمک زند پلنگش
Чисони зи хилвати буруни хиромад ниқоб нагушӯда нозанинӣ
چسان ز خلوت برون خرامد نقاب نگشوده نازنینی
Ки шшҷҳти ҳамчуи мавҷи гавҳари ҳуҷум оғӯш карда тангаш
که ششجهت همچو موج گوهر هجوم آغوش کرده تنگش
Қабули нозаш нае ҷунун кун сар аз гудози ҷигар бурун кун
قبول نازش نهای جنون کن سر از گداز جگر برونکن
Дилӣ ба завқи ниёзи хунини ҳино чаҳ гул медиҳад ба чангаш
دلی بهذوق نیاز خونین حنا چهگل میدهد به چنگش
Агар ду олами ғулуви намояд ба шавқ бехост бар наёяд
اگر دو عالم غلو نماید به شوق بیخواست بر نیاید
Чаҳ рангҳо пар наме кушояд ба сайри боғӣ ки нест рангаш
چه رنگها پر نمیگشاید بهسیر باغیکه نیست رنگش
зи сайри гулзори чашм бастан касе нашуд муҳаррами тасаллӣ
ز سیر گلزار چشم بستن کسی نشد محرم تسلی
Куҷост ойӣна то намоям чаҳ субҳ дорад баҳори рангаш
کجاست آیینه تا نمایم چه صبح دارد بهار رنگش
Дрбғ фитрат накард кории набарди азин анҷумани шуморӣ
دربغ فطرت نکرد کاری نبرد ازین انجمن شماری
Тааммулам дошт шиша дорӣ задам зи ваҳми парӣ ба сангаш
تاملم داشت شیشه داری زدم ز وهم پری به سنگش
зи сози ишқи ғурури соғари ҳазор бедод мекашад сар
ز ساز عشق غرور ساغر هزار بیداد میکشد سر
Ту аз тамиз фузул бигузар шикаст дил донаду тарангаш
تو از تمیز فضول بگذر شکست دل داند و ترنگش
Ба саъии ҷавлони ҳуш бедил нагашт пайдои суроғи қобил
به سعی جولان هوش بیدل نگشت پیدا سراغ قابل
Магари зпрўози ранги бсмли рисӣ ба фаҳми пари хадангаш
مگر زپرواز رنگ بسمل رسی به فهم پر خدنگش