Мо ришта созем мапурс аз адаби мо
ما رشتهٔ سازیم، مپرس از ادب ما
Сад нағма сурӯдем вншди бозлби мо
صد نغمه سرودیم و نشد باز لب ما
Чун мардумак , ойӣна ҷамъият нурем
چون مردمک، آیینهٔ جمعیت نوریم
Дар доира субҳ нишаста сети шаби мо
در دایرهٔ صبح نشستهست شب ما
Битобии дили оташи савдоӣ ки дорад
بیتابی دل آتش سودای که دارد؟
Тбхол ба хуршеди рисондаи сети таби мо
تبخال به خورشید رساندهست تب ما
Ҳастӣ чўъдми зини ман ва мо ҳеҷ надорад
هستی چو عدم زین من و ما هیچ ندارد
Бенашъа баландаст димоғи тараби мо
بینشئه بلند است دماغ طرب ما
Иброми так ва тоз ғуборем дарин дашт
ابرام تک و تاز غباریم در این دشت
Ҷонӣ ки надорем чаҳ ? д ба лаби мо
جانی که نداریم چه آید به لب ما؟
Чун зарраи парокандагӣ иншоӣ зуҳӯрем
چون ذره، پراکندگی انشای ظهوریم
Ҷзмои нқтии кӯ ки бар ди мунтахаби мо
جزما نُقطی کو که بَرد منتخب ما؟
То маънии асрори парии фош тавон хонд
تا معنی اسرار پری فاش توان خواند
Мактуб ба кҳсор бурид аз ҳалаби мо
مکتوب به کهسار برید از حلب ما
Гмгштаҳи таҳқиқи худ овора ваҳм аст
گمگشتهٔ تحقیق، خود آوارهٔ وهم است
Моро бигзоред ба дарди талаби мо
ما را بگذارید به درد طلب ما
Не қобил аҷзем на мақбули тааюн
نی قابل عجزیم، نه مقبول تعین
Азннг ба одам ки расонади насаби мо
از ننگ به آدم که رسانَد نسب ما؟
Пайдост ки ҷузи сӯрати анқо чаҳ намояд
پیداست که جز صورت عنقا چه نماید
Ойӣна надорад дили бедили лақаби мо
آیینه ندارد دل بیدل لقب ما