Охир ба луи ҳи ои йенаи эътибори мо

آخر به لو‌ح آ‌ینهٔ اعتبار ما

Чизеи навиштании сет ба хати ғубори мо

چیزی نوشتنی‌ست به خط غبار ما

Базм аз дили гудохта лабрез ме шавад

بزم از دل گداخته لبریز می‌شود

Мино агар кунанд зи санги мазори мо

مینا اگر کنند ز سنگ مزار ما

Оташ ба доманаст кафи даст бе барон

آتش به دامن است کف دست بی‌بران

Роҳати мҷуи зи сояи барги чанори мо

راحت مجو ز سایهٔ برگ چنار ما

Моу суроғи матлаби дигар чаҳ мумкин аст

ما و سراغ مطلب، دیگر چه ممکن است؟

Дар чашми мо шикасти заъифии ғубори мо

در چشم‌ ما شکست ضعیفی غبار ما

Нақши қадами з хок нишинон ҳайрат аст

نقش قدم ز خاک‌نشینان حیرت است

Умед нест воситаи интизори мо

امید نیست واسطهٔ انتظار ما

Тимсоли мо ҳамон нафаси вопасини баси сет

تمثال ما همان نفس واپسین بس است

Ойӣна ҳар нафас нанамое дучори мо

آیینه هر نفس ننمایی دچار ما

Тамкин ба созхндаҳ мўосо наме кунад

تمکین به ساز خنده مواسا نمی‌‌کند

Аз Кебек май Ромад чу садои кӯҳсори мо

از کبک می‌رمد چو صدا کوهسار ما

Ғайрати зи бас ки ҳавсилаи сомони шарм буд

غیرت ز بس که حوصله‌سامانِ شرم بود

Хамёзаи ҳам қадаҳ накашид аз хумори мо

خمیازه هم قدح نکشید از خمار ما

Ранги баҳор , хӯни шаҳид аз ҳинои гузашт

رنگ بهار خون شهید از حنا گذشت

Ин гул ки кард тӯҳфаи дастнигор мо

این گل که کرد تحفهٔ دست نگار ما؟

Чун шамъ қонеъем ба як доғ аз ин чаман

چون شمع، قانعیم به یک داغ از این چمن

Гул бар ҳазор шох набандад баҳори мо

گل بر هزار شاخ نبندد بهار ما

Сар барнадоштем зи таслими оҷизӣ

سر برنداشتیم ز تسلیمِ عاجزی

Зонуи шикасти оинаи ихтиёри мо

زانو شکست آینهٔ اختیار ما

эй бе худии биё ки замонии з худ рӯем

ای بی‌خودی بیا‌ که زمانی ز خود رویم

Ҷузи мо дигар ки номаи расонад ба ёри мо

جز ما دگر که نامه رسانَد به یار ما؟

Гуфтам ба дил : замона чаҳ дорад зи гирудор

گفتم به دل‌: زمانه چه دارد ز گیرودار؟

Хандид ва гуфт : ончӣ наёяд ба кори мо

خندید و گفت‌: آن‌چه نیاید به کار ما

Бе муддаои стмкш ҳайронӣ худем

بی‌مدعا ستمکش حیرانی خودیم

Бедил ба дӯш кас натавон басти бори мо

بیدل! به دوش کس نتوان بست بار ما

Хониш
ғзл шморҳ 192 — ъндлӣб