Мушти арақи зи ҷабҳа ба ҳар боби рехтам

مشت عرق ز جبهه به هر باب ریختم

Олӯда буд дасти тамаъи оби рехтам

آلوده بود دست طمع آب ریختم

ТўФи худам ба мағзи расонад аз талоши пуч

طوف خودم به مغز رساند از تلاش پوچ

Гавҳар шуд он кафӣ ки ба гирдоби рехтам

گوهر شد آن کفی‌ که به گرداب ریختم

Зон миннатӣ ки сояи девор ғайр дошт

زان منتی‌ که سایهٔ دیوار غیر داشت

Барадами сиёҳӣ ва ба сари хоби рехтам

بردم سیاهی و به سر خواب ریختم

Бе шамъи дили ҷаҳон ба шабистони хазида буд

بی‌شمع دل جهان به شبستان خزیده بود

Сайқал задам бар оинаи маҳтоби рехтам

صیقل زدم بر آینه مهتاب ریختم

Ишқ аз ғубори ман ба ҷуз ошуфтагӣ нахост

عشق از غبار من به جز آشفتگی نخواست

Оташ ба корхонаи одоби рехтам

آتش به کارخانهٔ آداب ریختم

Чандини замин ба оби расонид ва гул нашуд

چندین زمین به آب رسانید و گل نشد

Хокӣ ки бар сар аз ғами аҳбоби рехтам

خاکی که بر سر از غم احباب ریختم

Мисатони димоғи каъба парастӣ надоштанд

مستان دماغ ‌کعبه‌پرستی نداشتند

Хишти хамӣ ба сӯрати миҳроби рехтам

خشت خمی به صورت محراب ریختم

Мавҷӣ ба трсдоиӣ бсмл нашуд баланд

موجی به ترصدایی بسمل نشد بلند

Сад ранги хӯни нағмаи зи мизроби рехтам

صد رنگ خون نغمه ز مضراب ریختم

Кардам з ҳар ғубори суроғи висоли ёр

کردم ز هر غبار سراغ وصال یار

Ҳайҳоти об гавҳар ноёб рехтам

هیهات آب گوهر نایاب ریختم

Бедили зи бими маъсияти тӯҳмати офарин

بیدل ز بیم معصیت تهمت آفرین

Ларзидам ончунон ки май ноби рехтам

لرزیدم آنچنان که می ناب ریختم