Бар ёр агар паёми дил танг ме фиристам
بر یار اگر پیام دل تنگ میفرستم
Ба умед бозгаштани ҳама ранг ме фиристам
به امید بازگشتن همه رنگ میفرستم
Дар сулҳ май кушояди зи ҳуҷуми нотавонӣ
در صلح میگشاید ز هجوم ناتوانی
Мижаи вор ҳар сафиро ки ба ҷанг ме фиристам
مژهوار هر صفی را که به جنگ میفرستم
Неам он ки дастгоҳам фиканд ба вартаи хӯн
نیام آن که دستگاهم فکند به ورطهٔ خون
Пар агар баҳами расонам ба хаданг ме фиристам
پر اگر بهم رسانم به خدنگ میفرستم
Ба назари ҷаҳони тимсол агарам кунад гаронӣ
به نظر جهان تمثال اگرم کند گرانی
Ба хамии зи дӯши мижгони таҳ ранг ме фиристам
به خمی ز دوش مژگان ته رنگ میفرستم
Асари паёми аҷзами зи хироми ашки вокш
اثر پیام عجزم ز خرام اشک واکش
Ба тавофи домани имшаби ду се ланг ме фиристам
به طواف دامن امشب دو سه لنگ میفرستم
зи дуруштии мизоҷат неам эй рақиби ғофил
ز درشتی مزاجت نیام ای رقیب غافل
Агар армағон фиристам ба ту санг ме фиристам
اگر ارمغان فرستم به تو سنگ میفرستم
Ба ҳазор шишаи зини базми сару барг қлқлӣ нест
به هزار شیشه زین بزم سر و برگ قلقلی نیست
зи шикасти дили саломӣ ба таранг ме фиристам
ز شکست دل سلامی به ترنگ میفرستم
зи ҷаҳони ранг то кӣ кашами интизори нозат
ز جهان رنگ تا کی کشم انتظار نازت
Ту биё вагар на оташ ба фаранг ме фиристам
تو بیا و گر نه آتش به فرنگ میفرستم
Агар интизор бошад сабаби ҳузури бедил
اگر انتظار باشد سبب حضور بیدل
Ҳамагар замон васласт ба диранг ме фиристам
همه گر زمان وصل است به درنگ میفرستم