Коши як нами гардиши чашмтарӣ май доштам
کاش یک نم گردش چشم تری میداشتم
То дарин майхонаи ман ҳам соғарӣ май доштам
تا درین میخانه من هم ساغری میداشتم
Эътиборами қатраи вории сӯрат тамкин набаст
اعتبارم قطره واری صورت تمکین نبست
Баҳр май гаштамгар оби гавҳарӣ май доштам
بحر میگشتم گر آب گوهری میداشتم
Дили дарин вайронаи оғӯши умедӣ во накард
دل درین ویرانه آغوش امیدی وا نکرد
Варна бо ин фақри ман ҳам кишварӣ май доштам
ورنه با این فقر من هم کشوری میداشتم
Шухӣ назораам дар ҳасрати дидори сӯхт
شوخی نظارهام در حسرت دیدار سوخت
Коши як ойӣнаи ҳайрати ҷавҳарӣ май доштам
کاش یک آیینه حیرت جوهری میداشتم
Вусъатам чун ғунча дар зиндони дилтангии Фсрд
وسعتم چون غنچه در زندان دلتنگی فسرد
Гар зи болин май гузаштами бистарӣ май доштам
گر ز بالین میگذشتم بستری میداشتم
Сӯрати анҷоми кори ойӣнаи дор кас мабод
صورت انجام کار آیینهدار کس مباد
Кӯи димоғи нози токру фарӣ май доштам
کو دماغ ناز تاکر و فری میداشتم
Улфат ҷоҳам нашуд сармояи дуни ҳимматӣ
الفت جاهم نشد سرمایهٔ دون همتی
Ҷой қорун мегирифтамгар зарӣ май доштам
جای قارون میگرفتم گر زری میداشتم
Чун нафаси ишқам ба барқ бе нишонеи поки сӯхт
چون نفس عشقم به برق بینشانی پاک سوخت
Субҳ будамгар ҳамаи хокистарӣ май доштам
صبح بودم گر همه خاکستری میداشتم
Инфеъолам об кард аз нокасе ҳоем мапурс
انفعالم آب کرد از ناکسی هایم مپرس
Хок мекардам ба роҳатгар сиррӣ май доштам
خاک میکردم بهراهتگر سری میداشتم
Ишқ бе парвози ман парвона шамъӣ нарехт
عشق بی پرواز من پروانهٔ شمعی نریخت
То ба қадар сӯхтани болу парӣ май доштам
تا به قدر سوختن بال و پری میداشتم
Дил ба зиндонгоҳи ғифлати хок бар сар ме кунад
دل به زندانگاه غفلت خاک بر سر میکند
Кош чашмӣ мегушӯдам то дарӣ май доштам
کاش چشمی میگشودم تا دری میداشتم
Бедил аз табъи дурушт ойӣнаам дар занг монад
بیدل از طبع درشت آیینهام در زنگ ماند
Об агар май гашти дили равшангарӣ май доштам
آب اگر میگشت دل روشنگری میداشتم