Ман хоксори гардани зи куҷо баланд кардам

من خاکسار گردن ز کجا بلند کردم

Сари обилаи димоғии таҳи по баланд кардам

سر آبله‌ دماغی ته پا بلند کردم

Дару боми авҷи иззат чиқадр шикасти пастӣ

در و بام اوج عزت چقدر شکست پستی

Ки ғубор ҳарза тоз ман ва мо баланд кардам

که غبار هرزه تاز من و ما بلند کردم

зи Фсўнгаҳи тааюни нафасии зи ваҳм гул кард

ز فسونگه تعین نفسی ز وهم‌ گل‌ کرد

Чу саҳари димоғи иқбол ба ҳаво баланд кардам

چو سحر دماغ اقبال به هوا بلند کردم

з куҷо навой ҳастӣ дар инфеъол во кард

ز کجا نوای هستی در انفعال وا کرد

Ки ҳазор дасти ҳоҷат чу гадо баланд кардам

که هزار دست حاجت چو گدا بلند کردم

Саф ғайрат хамӯшӣ илмӣ надошт дар кор

صف غیرت خموشی علمی نداشت در کار

Ба чаҳ санг хӯрд мино ки садо баланд кардам

به چه سنگ خورد مینا که صدا بلند کردم

Талаби гадо табиат нашнохт қадари иззат

طلب‌ گدا طبیعت نشناخت قدر عزت

Хами пояи иҷобат ба дуо баланд кардам

خم پایهٔ اجابت به دعا بلند کردم

Раҳи ваҳми зери по буд так ваҳм давр фаҳмид

ره وهم زیر پا بود تک وهم دور فهمید

Ки ба ранги шамъи гардани ҳамаи ҷо баланд кардам

که به رنگ شمع‌ گردن همه جا بلند کردم

Сару кори худсариҳо адаб имтиҳоне дошт

سر و کار خودسری ها ادب امتحانیی داشت

Арақи нигуни кулоҳии зи ҳаё баланд кардам

عرق نگون‌کلاهی ز حیا بلند کردم

Саҳарӣ назар гушӯдам ба хаёли сарви нозӣ

سحری نظر گشودم به‌ خیال سرو نازی

зи фалаки гузашти дӯшами мижа то баланд кардам

ز فلک گذشت دوشم مژه تا بلند کردم

Ба ҳазор ноз гул кард чамани ниёзи бедил

به هزار ناز گل‌ کرد چمن نیاز بیدل

Ки сари адаб ба поиш чу ҳино баланд кардам

که سر ادب به پایش چو حنا بلند کردم