Чу шабнам то ниқоби эътибори хеш шқ кардам

چو شبنم تا نقاب اعتبار خویش شق‌ کردم

зи шарм зиндагӣ гуфтам кафани пӯшам , арақ кардам

ز شرم زندگی‌گفتم‌کفن پوشم‌، عرق‌کردم

Каф по мешудам эй кош аз бе эътиборӣҳо

کف پا می‌شدم ای کاش از بی‌ اعتباریها

Ҷабин гардидам ва сад ранги хиҷлат дар тибқ кардам

جبین‌گردیدم و صد رنگ خجلت در طبق‌کردم

Чу субҳами як таъаммули дарс ҷамъият нашуд ҳосил

چو صبحم یک تأمل درس جمعیت نشد حاصل

Ба сатрӣ каз нафас хондам зи худ рафтан сабақ кардам

به سطری کز نفس خواندم ز خود رفتن سبق کردم

Ба ҳайрати санъати ойӣнаро барадам ба кори охир

به حیرت صنعت آیینه را بردم به کار آخر

Парешон буд аҷзои тамошои як варақ кардам

پریشان بود اجزای تماشا یک ورق کردم

Мапурсед аз қаноати мшрбиҳои ҳаёти ман

مپرسید از قناعت مشربیهای حیات من

Ба соғари обрӯеи доштами сад рамақ кардам

به ساغر آبرویی داشتم سد رمق کردم

Ба ҳар ҷои фикр мастӣ нест махмурӣ наме бошад

به هر جا فکر مستی نیست مخموری نمی‌باشد

Ҳавасҳои ғизо буд ин ки худро мустаҳаққ кардам

هوسهای غذا بود این که خود را مستحق کردم

Шабӣ омад ба ёдам гармӣ андоз оғӯшӣ

شبی آمد به یادم گرمی انداز آغوشی

Чунон аз худ бурун рафтам ки пиндорам арақ кардам

چنان از خود برون رفتم که پندارم عرق کردم

Забони истилоҳи рамзи тавҳидам ки май фаҳмад

زبان اصطلاح رمز توحیدم که می‌فهمد

Ки ман ҳаргоҳи гаштами ғофил аз худ ёд ҳақ кардам

که من هرگاه گشتم غافل از خود یاد حق کردم

Нафас аз диққати фикрами ҳуҷум шуъла шуд бедил

نفس از دقت فکرم هجوم شعله شد بیدل

Нишастам он қадр дар хӯн ки субҳиро шафақ кардам

نشستم آنقدر در خون که صبحی را شفق کردم