зи фасонаи лаби хомаш ки расед мужда ба гӯши мо

ز فسانهٔ لبِ خامشِ که رسید مژده به گوش ما؟

Ки сухан гуҳар шуд ва зад гиреҳ ба забони сиктаи хурӯши мо

که‌ سخن‌ گهر شد و زد گره به‌ زبانِ سکته خروش ما

Калла чаҳ фитнаи шикастае ки зи ҳарфи теғи табассумат

کُلهِ چه فتنه شکسته‌ای‌ که ز حرفِ تیغِ تبسمت

Ба саҳари рисондаи димоғи гули лаби захми хандаи фуруши мо

به سحر رسانده دماغ‌ گل‌، لبِ زخمِ خنده‌فروش ما

Нафас аз таронаи сози дил чаҳ фишонд бар сари анҷуман

نفس از ترانهٔ ساز دل چه فشاند بر سر انجمن؟

Ки садои қлқл шиша шуд парӣ ҷунун зада ҳуши мо

که صدای قلقل شیشه شد پری جنون‌زده هوش ما

Ба нигоҳи ибратии оби даҳ зи моли ҷуръати ҷустуҷӯ

به نگاه عبرتی آب دِه ز مآل جرأتِ جستجو

Ки ба чашмат оина мекашад кафи пои обилаи пӯши мо

که به چشمت آینه می‌کشد کف پای آبله‌پوش ما

Ба ҷунунӣ аз хам бихўдӣ задаем соғари мо ва ман

به جنونی از خُمِ بی‌خودی زده‌ایم ساغر ما و من

Ки ҳазор субҳ қиёматасту кафии зи мастии ҷӯши мо

که هزار صبح قیامت است و کفی ز مستی جوش ما

Ҳамаро рабӯдаи зи дасти худ асари навид расӣданат

همه را ربوده ز دستِ خود، اثر نویدِ رسیدنت

зи видоъи мо чаҳ хабар диҳад ба дили шикастаи сурӯши мо

ز وداعِ ما چه خبر دهد به دل شکسته سروشِ ما؟

Таби шавқи саҷдаи нестӣ чаҳ фусуни дамида бар анҷуман

تب شوق سجدهٔ نیستی، چه‌ فسون دمیده بر انجمن؟

Ки чўшмъ то қадам аз ҷабини ҳама сар нишаста ба дӯши мо

که چو شمع تا قدم از جبین، همه‌ سر نشسته‌ به دوشِ ما

зи нишоти маҳфили зиндагӣ ба чаҳ нозад имшаби мунфаил

ز نشاط محفل زندگی, به چه نازد امشب منفعل؟

Қадаҳии магар ба арақ занад зи хумори хиҷлати дӯши мо

قدحی مگر به عرق زند، ز خمار خجلت دوش ما

Дигар аз тааюни худсарӣ чаҳ кашеми заҳмат сӯхтан

دگر از تعین خودسری، چه‌ کشیم زحمت سوختن؟

Ки фитод бар кафи по кунун нигаҳ чароғ хамӯш мо

که فتاد بر کف پا کنون، نگهِ چراغ خموش ما

Нарасед фитрати ҳечкас ба хаёли бедилу маънӣ аш

نرسید فطرت هیچ‌کس، به خیالِ بیدل و معنی‌اش

Ҳамаи рости бихбрӣу бас чаҳ шуъӯри халқ ва чаҳ ҳуши мо

همه‌راست بی‌خبری و بس‌، چه‌ شعورِ خلق و چه‌ هوشِ ما