Дӯш каз сайри баҳор сӯхтани сар бар задам
دوش کز سیر بهار سوختن سر بر زدم
Сад гулу сунбул чу шамъ аз дӯди дил бар сар задам
صد گل و سنبل چو شمع از دود دل بر سر زدم
Пой то сар нашъаам аз файз нокомӣ мапурс
پای تا سر نشئهام از فیض ناکامی مپرس
Орзӯем ҳар қадари хӯни гашти ман соғар задам
آرزویم هر قدر خون گشت من ساغر زدم
Шабнами ман збни гулистони рангӣ ва бӯе наёфт
شبنم من زبن گلستان رنگی و بویی نیافت
Аз ҳуҷуми дӯди гирдобӣ ба чашм тар задам
از هجوم دود گردابی به چشم تر زدم
Осмон бе бизоъати сози як бистар надошт
آسمان بی بضاعت ساز یک بستر نداشت
Такя эй чун моҳи нав бар паҳлавӣ лоғар задам
تکیهای چون ماه نو بر پهلوی لاغر زدم
Бар сафи орои таъаллуқ буд асбоби ҷаҳон
بر صفآرای تعلق بود اسباب جهان
Чашми пӯшедами шабихунӣ бар ин лашкар задам
چشم پوشیدم شبیخونی بر این لشکر زدم
Барги барги ин гулистони парда соз манаст
برگ برگ این گلستان پردهٔ ساز منست
Ҳар куҷои рангии шикаст оҳанг шуд ман пар задам
هر کجا رنگی شکست آهنگ شد من پر زدم
Синаи чокон чун саҳари машқи фано омода анд
سینه چاکان چون سحر مشق فنا آمادهاند
Ом шуд дарсӣ ки ман ҳам сафҳае мстр задам
عام شد درسی که من هم صفحهای مسطر زدم
эй ҳарифони қадари истиғнои дили фаҳмидании сет
ای حریفان قدر استغنای دل فهمیدنیست
Ман ба ин як обилаи по бар ҳазор афсар задам
من به این یک آبله پا بر هزار افسر زدم
Рҳмнои манзили мақсад надомат бӯда аст
رهمنای منزل مقصد ندامت بوده است
Доманӣ дарёфтам дастӣ агар бар сар задам
دامنی دریافتم دستی اگر بر سر زدم
Файзи субҳӣ дар тилисм ҳастӣам афсурда буд
فیض صبحی در طلسم هستیام افسرده بود
Домани ин гирди сангини як ду чин бартар задам
دامن این گرد سنگین یک دو چین برتر زدم
Шуъла афсурдаам иқболи навмидии баланд
شعلهٔ افسردهام اقبال نومیدی بلند
Ҳар куҷо аз по нишинам чатр хокистар задам
هر کجا از پا نشینم چتر خاکستر زدم
Хонаи дилро ки ҳамчун лола аз савдо пар аст
خانهٔ دل را که همچون لاله از سودا پر است
Бедил аз доғи муҳаббати ҳалқае бар дар задам
بیدل از داغ محبت حلقهای بر در زدم