Боғ ҳастӣ нест ҷузи рангӣ ки гирданд адам
باغ هستی نیست جز رنگی که گرداند عدم
Мо ва ин парвоз то ҳар ҷо пар ифшоанд адам
ما و این پرواز تا هر جا پَر افشاند عدم
Чун саҳар нашав ва намоҳо як қалам соз ҳавост
چون سحر نشو و نماها یکقلم سازِ هواست
Зини чаман беш аз нафаси дигар чаҳ рӯйанд адам
زین چمن بیش از نفس دیگر چه رویاند عدم
Гирди ваҳмии ошён дар боли анқо баста ам
گرد وهمی آشیان در بال عنقا بستهام
Оҳ аз он рӯзӣ ки бар мо доман ифшоанд адам
آه از آن روزی که بر ما دامن افشاند عدم
Хоҳи ъушрат , хоҳи ғам , хоҳии хазон , хоҳии баҳор
خواه عشرت، خواه غم، خواهی خزان، خواهی بهار
Ҳарчӣ пеш ояд вуҷӯдаст ончӣ пас монад адам
هرچه پیش آید وجود است آنچه پس مانَد عدم
Қосиди малики хаёлам аз так ва пўим мапурс
قاصد مُلک خیالم از تک و پویم مپرس
Ҳркҷоим мефиристад бозме хонд адам
هرکجایم میفرستد بازمیخوانَد عدم
Хилвати тнзиаҳ ва ин сомони кудурат ҳайрат аст
خلوتِ تنزیه و این سامان کدورتحیرت است
Гирди мо умрӣаст аз худ давр меронад адам
گرد ما عمری است از خود دور میراند عدم
Як нафаси изҳор ва як олами ғубори мо ва ман
یک نَفَس اظهار و یک عالم غبار ما و من
Чашми мо зини бештари дигар чаҳ пӯшоанд адам
چشم ما زین بیشتر دیگر چه پوشاند عدم
Марги ҳам аз фитнаи хулду ҷҳим осӯда нест
مرگ هم از فتنهٔ خُلد و جحیم آسوده نیست
Коши ин гардӣ ки мо дорем бинишонад адам
کاش این گردی که ما داریم بنشاند عدم
Мо ва ман чизе накард иншо ки бояд фаҳм кард
ما و من چیزی نکرد انشا که باید فهم کرد
наменависад ҳастӣам сатрӣ ки мехонд адам
می نویسد هستیام سطری که میخواند عدم
Ҳамчуи буии гули зи нақди мо Фносрмоигон
همچو بوی گل ز نقد ما فناسرمایگان
Ҳам з худ гирад шумор ончӣ бастанд адам
هم ز خود گیرد شمار آنچه بستاند عدم
Гуфтугӯ бисёр дорад он даҳон бе нишон
گفتگو بسیار دارد آن دهانِ بینشان
Ҳуш маъзӯраст ӣнҷо то чаҳ фаҳманд ъад м
هوش معذور است اینجا تا چه فهمانَد عدم
Лаъибат хокем бедили ҷавҳар фитрат куҷост
لعبت خاکیم بیدل جوهر فطرت کجاست
Гар ҳама ҳастӣ шавад чизе намедонад адам
گر همه هستی شود چیزی نمیداند عدم