Шуъӯрати хоҳи мастами вонмоиди хоҳи махмурам

شعورت خواه مستم وانماید خواه مخمورم

Чу соғар мекашӣ дорад азин андешаҳо даврам

چو ساغر می‌کشی دارد ازین اندیشه‌ها دورم

Нафас бетоқатиро муфти соз хеш ме донад

نفس بی‌طاقتی را مفت ساز خویش می‌داند

Ҳамин пар мефишонам ошёнӣ нест манзурам

همین پر می‌فشانم آشیانی نیست منظورم

Муҳайёии гудозами он қадр аз шавқи дидораш

مهیای گدازم آنقدر از شوق دیدارش

Ки сўздкрми шбтобӣ ба барқи шуълаи таврам

که سوزدکرم شبتابی به برق شعلهٔ طورم

Чу тӯфон дошт ёрб новаки найранги дидораш

چو توفان داشت یارب ناوک نیرنگ دیدارش

Ки ҷои хӯни миҷмар шуъла меҷӯшад зи носўрм

که جای خون مجمر شعله می‌جوشد ز ناسورم

зи доғи ахтарами мушкил ки бар дорад сиёҳӣ ро

ز داغ اخترم مشکل‌که بر دارد سیاهی را

Диҳад чун мардумак ҳар чанд гардуни ғӯта дар наварам

دهد چون مردمک هر چند گردون غوطه در نورم

Ниёз ихтиёраст эй ҳарифони айши ин маҳфил

نیاز اختیار است ای حریفان عیش این محفل

Ки ман чун шамъ дар машқи вгдози хеши маҷбурам

که من چون شمع در مشق وگداز خویش مجبورم

Надорад дарди дилсозӣ ки бандии парда бар розаш

ندارد درد دل سازی که بندی پرده بر رازش

Чаро урён набошам дар ғубори нолаи мастурам

چرا عریان نباشم در غبار ناله مستورم

Нафас будам фиғони гаштам дигар аз ман чаҳ май хоҳӣ

نفس بودم فغان‌گشتم دگر از من چه می‌خواهی

Надорам он қадри тоқат ки натавон дошт маъзӯрам

ندارم آنقدر طاقت که نتوان داشت معذورم

На аз дунёи ғами андешам на ъқбоиии сет дар пешам

نه از دنیا غم اندیشم نه عقبایی‌ست در پیشم

Муқӣми ҳайрати хешами азин пскўчаҳҳо даврам

مقیم حیرت خویشم ازین پسکوچه‌ها دورم

Дарин маҳфил ки пардозад ба дод нотавони ман

درین محفل که پردازد به‌ داد ناتوان من

Шунидан дар адам дорад димоғи нолаи мӯрам

شنیدن در عدم دارد دماغ نالهٔ مورم

Муҳаббат аз шикасти дил чаҳ нуқсон мекунад бедил

محبت از شکست دل چه نقصان می‌کند بیدل

Нагардад мӯии чинии серумаи оҳанги фағфурам

نگردد موی چینی سرمهٔ آهنگ فغفورم