Суроғи айши з умр намонда май гирам
سراغ عیش ز عمر نمانده میگیرم
Асари зи оташ дар оби ронда май гирам
اثر ز آتش در آب رانده میگیرم
Рамед фурсат ва ман ғарраи хаёл ки ман
رمید فرصت و من غرهٔ خیال که من
Савори тавсани барқи ҷҳондаҳ май гирам
سوار توسن برق جهانده میگیرم
Саҳари гузашт ва шаб омад биё ки боз чу шамъ
سحر گذشت و شب آمد بیا که باز چو شمع
Раҳеи зи ёс ба поёни рисонда май гирам
رهی ز یاس به پایان رسانده میگیرم
Ба водӣӣ ки кашад ҳирси ташнаи коми забон
به وادیی که کشد حرص تشنهکام زبان
Арақи зи ҷабҳаи хиҷлати дмондаҳ май гирам
عرق ز جبههٔ خجلت دمانده میگیرم
Ҳалоки буи лабӣ будам интизорам гуфт :
هلاک بوی لبی بودم انتظارم گفت:
Ғамин машав ба канораши нишонда май гирам
غمین مشو بهکنارش نشانده میگیرم
Марои ҳамин сабақ аз мактаби адаби кофии сет
مرا همین سبق از مکتب ادب کافیست
Ки номи ёр ба лаб нагузаронда май гирам
که نام یار به لب نگذرانده میگیرم
Знолаҳ то нафаси вопасин яқинам нест
زناله تا نفس واپسین یقینم نیست
Ки доман ки ба дасти фишонда май гирам
که دامنکه به دست فشانده میگیرم
Ба забти умри сбкрўи шитобам ӣнҳама нест
به ضبط عمر سبکرو شتابم اینهمه نیست
Аннани ду рӯз дигар ҳам давонида май гирам
عنان دو روز دگر هم دوانده میگیرم
Гузаштаам ба рикоби гузаштагон ва ҳануз
گذشتهام به رکابگذشتگان و هنوز
Суроғи худ ба қафои бозмонда май гирам
سراغ خود به قفا بازمانده میگیرم
Саводи нома чу субҳам ниҳон наме монад
سواد نامه چو صبحم نهان نمیماند
Нафаси ду сатри ҳавои сети хонда май гирам
نفس دو سطر هواییست خوانده میگیرم
Чу шамъи бедил агар сад раҳами шҳидкннд
چو شمع بیدل اگر صد رهم شهیدکنند
Дяти згрдни шамшери ронда май гирам
دیت زگردن شمشیر رانده میگیرم