Боз аз ҷаҳони ҳасрати дидор май расм
باز از جهان حسرت دیدار میرسم
Ойӣна дар бағал ба дар ёр май расм
آیینه در بغل به در یار میرسم
Хобами баҳори давлат бедор ме шавад
خوابم بهار دولت بیدار میشود
Ҳар чанд то ба сояи девор май расм
هر چند تا به سایهٔ دیوار میرسم
Зини як нафаси матоъ ки бор диласту бас
زین یک نفس متاع که بار دل است و بس
Шӯри ҳазор қофила дар бор май расм
شور هزار قافله در بار میرسم
Майхонаи ҳузури хаёл нигоҳ кист
میخانهٔ حضور خیال نگاه کیست
Ҷом димоғ дораму саршор май расм
جام دماغ دارم و سرشار میرسم
Нозам ба дастгоҳи заъифӣ ки чун хаёл
نازم به دستگاه ضعیفی که چون خیال
Дар олимӣ ки ӯст ман зор май расм
در عالمی که اوست من زار میرسم
эй рангҳои рафта ба мижгон ғулув кунед
ای رنگهای رفته به مژگان غلو کنید
Аз як кушоди чашм ба гулзор май расм
از یک گشاد چشم بهگلزار میرسم
Ғофил неам зи хосияти муждаи висол
غافل نیام ز خاصیت مژدهٔ وصال
Май болами он қадр ки ба дилдор май расм
میبالم آنقدر که به دلدار میرسم
Ҳар чанд нест чун самарами пои ихтиёр
هر چند نیست چون ثمرم پای اختیار
Роҳам ба манзилии сет ки ночор май расм
راهم به منزلیست که ناچار میرسم
Ҷисми фусурдаро сару барг талаб куҷост
جسم فسرده را سر و برگ طلب کجاست
Дил об мешавад ки ба рафтор май расм
دل آب میشود که به رفتار میرسم
Шабнам ба ғайри саҷда чаҳ дорад ба пои гул
شبنم به غیر سجده چه دارد به پای گل
Ман ҳам дар он чаман ба ҳамин кор май расм
من هم در آن چمن به همین کار میرسم
Бедили чунонкии соя ба хуршед ме расад
بیدل چنانکه سایه به خورشید میرسد
Ман низ рафтаи рафта ба дилдор май расм
من نیز رفته رفته به دلدار میرسم