Аз заъфи бскаҳ дар ҳамаи ҷои дайр май расм
از ضعف بسکه در همه جا دیر میرسم
То пои худ чу шамъ ба шабгир май расм
تا پای خود چو شمع به شبگیر میرسم
Ваҳми алойиқ аз ҳамаи сӯи раҳзан дил аст
وهم علایق از همه سو رهزن دل است
Пои дргли хаёл ба сад қӣр май расм
پا درگل خیال به صد قیر میرسم
Брнқши пои шамъи тасаввур ҳино мабанд
برنقش پای شمع تصور حنا مبند
Ман рангҳо шикаста ба тасвир май расм
من رنگها شکسته به تصویر میرسم
Ранги баннои субҳи зи об вгл фаност
رنگ بنای صبح ز آب وگل فناست
Бар бод май рӯм ки ба таъмир май расм
بر باد میروم که به تعمیر میرسم
Аз коми ҳирси лиззат тифлӣ наме равад
از کام حرص لذت طفلی نمیرود
Дандони шикастаи бози паии шер май расм
دندان شکسته باز پی شیر میرسم
Бигзор чун саҳар фиканам тарҳи фурсатӣ
بگذار چون سحر فکنم طرح فرصتی
Гирди Ромии зи даври нафаси гир май расм
گرد رمی ز دور نفسگیر میرسم
Хоби адам фасона ҳастӣ шунида аст
خواب عدم فسانهٔ هستیشنیده است
Шодами казин баҳона ба таъбир май расм
شادمکزین بهانه به تعبیر میرسم
Чун шамъи рангам аз чаҳ бҳороФридаҳ аст
چون شمع رنگم از چه بهارآفریده است
Каз ҳар нигаҳ ба сад гули тағйир май расм
کز هر نگه به صد گل تغییر میرسم
Аз норасои самари хом ман мапурс
از نارسایی ثمر خام من مپرس
То ранги зард низ ҳамон дайр май расм
تا رنگ زرد نیز همان دیر میرسم
Осон намерасад ба тасаллии ҷунуни ман
آسان نمیرسد به تسلی جنون من
Чун нолаи рафтаи рафта ба занҷир май расм
چون ناله رفته رفته به زنجیر میرسم
эй қомати хамидаи ду гом орамида рӯ
ای قامت خمیده دو گام آرمیده رو
Ман ҳам ба ту ҳамин ки шудам пер май расм
من هم به تو همین که شدم پیر میرسم
Ҳамдам чу фурсат аз ду ҷаҳони қатъ улфат аст
همدم چو فرصت از دو جهان قطع الفت است
Бар ҳар чаҳ май расми дами шамшер май расм
بر هر چه میرسم دم شمشیر میرسم
Бедили ҳамин қадари асарами бас ки гоҳгоҳ
بیدل همین قدر اثرم بس که گاهگاه
Бар гӯши носухани шинавони тир май расм
بر گوش ناسخن شنوان تیر میرسم