То нафас об зиндагӣаст ҳеҷ ба бӯ наме расм
تا نفس آب زندگیست هیچ به بو نمیرسم
Бо ту чунонкии бихўдм бе ту ба ту наме расм
با تو چنانکه بیخودم بی تو به تو نمیرسم
Хиҷлат ҳастӣам чу субҳ дар адам об ме кунад
خجلت هستیام چو صبح در عدم آب میکند
Ҷайб чаҳ ранг бар дирами ман ки ба бӯ наме расм
جیب چه رنگ بر درم من که به بو نمیرسم
Дар сари кӯии микшони нашъа хиҷлатам расост
در سر کوی میکشان نشئهٔ خجلتم رساست
Даст шикаста дорам ва то ба сабу наме расм
دست شکسته دارم و تا به سبو نمیرسم
Гарна Фсўнгрсти чархи халқи хароб ноз кист
گرنه فسونگرست چرخ خلق خراب ناز کیست
Ҳеҷ ба сои зи ҳасани ин обилаи рӯ наме расм
هیچ به سا ز حسن این آبلهرو نمیرسم
Саҷдаи гуҳ умед нест маъбад бениёзӣ ам
سجدهگه امید نیست معبد بینیازیام
То нгдозди орзӯи ман ба вузӯ наме расм
تا نگدازد آرزو من به وضو نمیرسم
Ранҷи талаби кашам чаро кин адаби шикастаи по
رنج طلب کشم چرا کاین ادب شکسته پا
намекашадам ба манзилӣ каз таку пў наме расм
میکشدم به منزلی کز تک و پو نمیرسم
Шарми ҳусӯли муддаои монеъи худ намое ам
شرم حصول مدعا مانع خود نماییام
Бесамарӣ рисондаамгар ба нимув наме расм
بیثمری رساندهام گر به نمو نمیرسم
Чинии базми фитратам лек зи бахти норасо
چینی بزم فطرتم لیک ز بخت نارسا
То нарасад серум ба санг то сари мӯ наме расм
تا نرسد سرم به سنگ تا سر مو نمیرسم
Зини нафасӣ ки ҳеҷ сӯи гирди пай аш наме расад
زین نفسی که هیچ سو گرد پیاش نمیرسد
Нест дамӣ ки ман ба хеш аз ҳамаи сӯ наме расм
نیست دمی که من به خویش از همه سو نمیرسم
Ғифлати гавҳар аз муҳӣти хиҷлати ҳуш кас мабод
غفلت گوهر از محیط خجلت هوش کس مباد
Ҷурм ба худ рамиданаст ин ки ба ӯ наме расм
جرم به خود رمیدن است این که به او نمیرسم
Беди л аз он ҷаҳони нози фитрати халқ орӣ аст
بیدل از آن جهان ناز فطرت خلق عاری است
Ончии ту дида Эй бигӯ хоҳ магӯ наме расм
آنچه تو دیدهای بگو خواه مگو نمیرسم