Ҷунун зарраам дар сози ваҳшати сахти қлошм
جنون ذرهام در ساز وحشت سخت قلاشم
Ба хуршедам бапушӣ то ба урёнӣ кунӣ фошам
به خورشیدم بپوشی تا به عریانی کنی فاشم
Гуворо кардаам бар хеши тӯфони ҳаводис ро
گوارا کردهام بر خویش توفان حوادث را
Ба чандини мавҷ чун аҷзои об аз ҳам наме пошам
به چندین موج چون اجزای آب از هم نمیپاشم
Нишастӣ то кунад пайдои ғубори нақши мавҳумӣ
نشستی تا کند پیدا غبار نقش موهومی
Ҳаё нам мекашад аз интизори калаки наққошам
حیا نم میکشد از انتظار کلک نقاشم
Сар бесаҷда бошад чанд мағрури фалаки тозӣ
سر بیسجده باشد چند مغرور فلک تازی
Чу оташи пеши по дидан ба пастии афканди кошам
چو آتش پیش پا دیدن به پستی افکند کاشم
Тараф бо офтоби огаҳии дил май барад аз даст
طرف با آفتاب آگهی دل میبرد از دست
Ту эй ғифлати расон то сояи мижгони хФошм
تو ای غفلت رسان تا سایهٔ مژگان خفاشم
Рӯм чун шамъи гирами гӯшаи домони хомӯшӣ
روم چون شمع گیرم گوشهٔ دامان خاموشی
зи теғи эмин неам ҳар чанд бо рангаст пархошам
ز تیغ ایمن نیام هر چند با رنگست پرخاشم
Адаб бо шухии табъи фузулам бар наме ояд
ادب با شوخی طبع فضولم بر نمیآید
Ба рӯем парда магушо то ҳамон берун дар бошам
به رویم پرده مگشا تا همان بیرون در باشم
Бисоти кибриёи поёни хору хас ки ме хоҳад
بساط کبریا پایان خار و خس که میخواهد
Ба нанг нокасе зон дар буруни рафтаи сети фаррошам
به ننگ ناکسی زان در برون رفتهست فراشم
Чўошки музтариб токӣ нишинад нақши ман ёрб
چواشک مضطرب تاکی نشیند نقش من یارب
Аннани лағзиш по мекашад умрӣаст наққошам
عنان لغزش پا میکشد عمریست نقاشم
Ба марг аз зиндагӣ бешаст яъси бенавои ман
به مرگ از زندگی بیش است یأس بینوای من
Кафани кӯ то набояд оби гашт аз шарм набошам
کفن کو تا نباید آب گشت از شرم نبّاشم
Чу шамъ аз имтиҳони сайрами дарин даъвати сарои бедил
چو شمع از امتحان سیرم درین دعوت سرا بیدل
Ба он гармӣ ки бояд сӯхти хомон пухтаанд ошам
به آن گرمیکه باید سوخت خامان پختهاند آشم