Бе рӯй тугар гиря ба андоза кунад чашм

بی روی تو گر گریه به اندازه‌ کند چشم

Бар ҳар мижаи тӯфон дигар тоза кунад чашм

بر هر مژه توفان دگر تازه ‌کند چشم

То кас нашавад муҳаррами махмури нигоҳат

تا کس نشود محرم مخمور نگاهت

Дасти мижаи сади раҳ хамёза кунад чашм

دست مژه سد ره خمیازه‌کند چشم

Бози ой ки чун шамъ ба он шуълаи дидор

باز آی که چون شمع به آن شعلهٔ دیدار

Доғи куҳани хеши ҳамон тоза кунад чашм

داغ‌کهن خویش همان تازه‌کند چشم

Ин нусхаи ҳайрат ки савод мижа дорад

این نسخهٔ حیرت که سواد مژه دارد

Беш аз варақӣ нест чаҳ шероза кунад чашм

بیش از ورقی نیست چه شیرازه ‌کند چشم

Ҳам зарфии дарёи қафас ваҳм ҳубобаст

هم ظرفی دریا قفس وهم حبابست

Бо дил чиқадр даъвӣ андоза кунад чашм

با دل چقدر دعوی اندازه‌کند چشم

Чун оинаи як ҷилваи азин хона бурун нест

چون آینه یک جلوه ازین خانه برون نیست

Аз ҳайрат агар ҳалқа дарвоза кунад чашм

از حیرت اگر حلقهٔ دروازه کند چشم

Олами ҳама зон тарзи нигаҳ серума ғубораст

عالم همه زان طرز نگه سرمه غبارست

Ёрб зи тағофули нафасӣ ғоза кунад чашм

یارب ز تغافل نفسی غازه ‌کند چشم

Кӯи сози нигоҳӣ ки буд қобили дидор

کو ساز نگاهی‌که بود قابل دیدار

Гирам ки ҳазор оина шероза кунад чашм

گیرم‌ که هزار آینه شیرازه ‌کند چشم

Аз ҳасрати дидори қадаҳ гир висолем

از حسرت دیدار قدح‌گیر وصالیم

Махмури лақои ту з хамёза кунад чашм

مخمور لقای تو ز خمیازه‌ کند چشم

Бедили чамани нозглии ханда фуруш аст

بیدل چمن نازگلی خنده فروش است

Умед ки захми дили мо тоза кунад чашм

امید که زخم دل ما تازه ‌کند چشم