Чун шамъи заҳматӣ ки ба шабгир май кашам
چون شمع زحمتی که به شبگیر میکشم
Аз доғи пунба май кашаму дайр май кашам
از داغ پنبه میکشم و دیر میکشم
Тифлӣ шуд ва шабоб шуд ва шеб саркашед
طفلی شد و شباب شد و شیب سرکشید
Лекин яқин нашуд ки чаҳ тасвир май кашам
لیکن یقین نشد که چه تصویر میکشم
Фурсати умеду саъии ҳавасҳо ҳамон баҷост
فرصت امید و سعی هوسها همان بجاست
Симоб рафту заҳмати эксир май кашам
سیماب رفت و زحمت اکسیر میکشم
Аҷзам ба заъми хеши раг аз санг ме кашад
عجزم به زعم خویش رگ از سنگ میکشد
Ҳар чанд мӯӣ аз қадаҳи шер май кашам
هر چند موی از قدح شیر میکشم
Бехам шудани з дӯш науфтод бори каш
بی خم شدن ز دوش نیفتاد بار کش
Ранҷи шабоб то нашавам пер май кашам
رنج شباب تا نشوم پیر میکشم
Муздурии баннои ҷасади бор гардан аст
مزدوری بنای جسد بار گردن است
То зиндаам ҳамин гули таъмир май кашам
تا زندهام همین گل تعمیر میکشم
Зини нолае ки ҳарзаи ду норасоӣ аст
زین نالهای که هرزه دو نارسایی است
Рӯзии ду интиқоми зи таъсир май кашам
روزی دو انتقام ز تأثیر میکشم
Бунёди эътибор бар ин сӯратасту бас
بنیاد اعتبار بر این صورت است و بس
Ваҳм сабот дораму тағйир май кашам
وهم ثبات دارم و تغییر میکشم
Дар дили ҳазор нола ба таҳсини ман кам аст
در دل هزار ناله به تحسین من کم است
Наққоши санъати алмми тир май кашам
نقاش صنعت المم تیر میکشم
Заъфам нишондааст ба рӯзи сиёҳи шамъ
ضعفم نشانده است به روز سیاه شمع
Пое ки май кашами зи гули қӣр май кашам
پایی که میکشم ز گل قیر میکشم
То ҳамчуи ахгарами таби ҷонкоҳ кам шавад
تا همچو اخگرم تب جانکاه کم شود
намесоем устихону тбошир май кашам
میسایم استخوان و تباشیر میکشم
Перии ишорае зи хам абрӯӣ фаност
پیری اشارهای ز خم ابروی فناست
эй сари мучин баланд ки шамшер май кашам
ای سر مچین بلند که شمشیر میکشم
Бедили сухани садои гирифторӣ дил аст
بیدل سخن صدای گرفتاری دل است
Ин решаҳо зи донаи занҷир май кашам
این ریشهها ز دانهٔ زنجیر میکشم