Ба арзи ҷавҳари тоқати дарин муҳӣт хамӯшам

به عرض جوهر طاقت درین محیط خموشم

Ки ман зи бори нафас чун ҳубоби обилаи дӯшам

که من ز بار نفس چون حباب آبله دوشم

Сапанди миҷмар яъсам надошт серумаи дигар

سپند مجمر یأسم نداشت سرمهٔ دیگر

Тапид нола ба кайфиятӣ ки кард хамӯшам

تپید ناله به‌ کیفیتی‌ که‌ کرد خموشم

зи бас ба дард тапидан гудохтам ҳамаи аъзо

ز بس به درد تپیدن‌ گداختم همه اعضا

Тавон шунид чу мавҷи азшксти ранги хурӯшам

توان شنید چو موج ازشکست رنگ خروشم

Чаҳ мумкинаст касе паии барад ба шухии ҳолам

چه ممکنست‌ کسی پی برد به شوخی حالم

Нишондааст таҳайюр ба оби оинаи ҷӯшам

نشانده است تحیر به آب آینه جوشم

Хушам ба ҳосили трдомнӣ чу ашги надомат

خوشم به حاصل تردامنی چو اشگ ندامت

На гавҳарам ки шавам хушк ва обрӯ бифурӯшам

نه ‌گوهرم‌ که شوم خشک و آبرو بفروشم

зи офтоби кашами нози халъати заррин

ز آفتاب‌ کشم ناز خلعت زرین

Гилӣми бахти сияҳи бас буд чу соя ба дӯшам

گلیم بخت سیه بس بود چو سایه به دوشم

Навид офиятӣ дорам аз ҷаҳони қаноат

نوید عافیتی دارم از جهان قناعت

Садоӣ бе нафаси мавҷ гавҳараст сурӯшам

صدای‌ بی‌نفس موج‌ گوهر است سروشم

Тағофуласт зи олами либоси офияти ман

تغافلست ز عالم لباس عافیت من

Ҳубоб вор надонам ба ғайри чашм чаҳ пӯшам

حباب‌وار ندانم به غیر چشم چه پوشم

Чамани тарозӣ нозаст сайри бихўдии имшаб

چمن طرازی ناز است سیر بیخودی امشب

Садои пой ки дорад ғубор рафтани ҳушам

صدای پای که دارد غبار رفتن هوشم

Шарори ним нигаҳ фурсат намӯд надорад

شرار نیم نگه فرصت نمود ندارد

Дар интизор ки бошам ба орзӯӣ чаҳ кӯшам

در انتظار که باشم به آرزوی چه‌ کوشم

Дарин чаман ба чаҳ гул ошно шавам ман бедил

درین چمن به چه‌ گل آشنا شوم من بیدل

Магар чу лолаи ду рӯзӣ ба доғ яъс Биҷӯшам

مگر چو لاله دو روزی به داغ یأس بجوشم