Чу дарёи як қалам мавҷаст шавқи бихўдии ҷӯшам

چو دریا یک قلم موجست شوق بیخودی جوشم

Таманноӣ канорӣ дораму тӯфони оғӯшам

تمنای کناری دارم و توفان آغوشم

Ба шӯри фитрати ман тираи бахтӣ барнаме ояд

به شور فطرت من تیره بختی برنمی‌آید

Забон шуълаам аз дӯд натавон кард хомӯшам

زبان شعله‌ام از دود نتوان ‌کرد خاموشم

Қиёмати ҳамтеми мушкил ки бошад атласи гардун

قیامت همتم مشکل‌که باشد اطلس‌گردون

Ду олам мешавад гирди адам то чашм май пӯшам

دو عالم می‌شود گرد عدم تا چشم می‌پوشم

Хушам каз шӯри ин дрбо надорам гирди ташвишӣ

خوشم ‌کز شور این دربا ندارم‌ گرد تشویشی

Дили афсурда монанди садаф шуд пунбаи дргўшм

دل افسرده مانند صدف شد پنبه درگوشم

Ҳаваси мушкил ки болад аз мизоҷ бе ниёзи ман

هوس مشکل‌که بالد از مزاج بی نیاز من

Дарин маҳфили ҳамагар шамъи гирдам дӯд нафурӯшам

درین محفل همه گر شمع ‌گردم دود نفروشم

Хаёл гул намегунҷад зи танагии даркинории ман

خیال‌گل نمی‌گنجد ز تنگی درکنار من

Магар чун ғунча накушояд шикасти ранги оғӯшам

مگر چون غنچه نگشاید شکست رنگ آغوشم

Муродӣ нест ҳастиро ки бошад қобили ҷаҳдӣ

مرادی نیست هستی را که باشد قابل جهدی

Надонам ӣнқадарҳо чун нафаси баҳр чаҳ ме кӯшам

ندانم اینقدرها چون نفس بهر چه می‌کوشم

Ба ҳар ҷо май рӯм аз доми ҳайрат бар наме оем

به هر جا می‌روم از دام حیرت بر نمی‌آیم

Ба ранги шабнам аз чашмӣ ки дорам хона бар дӯшам

به رنگ شبنم از چشمی‌که دارم خانه بر دوشم

Ба ҳайрат хушк бошам ба ки дар арзи забон созӣ

به حیرت خشک باشم به‌که در عرض زبان سازی

Ба ранги чашмаи ойӣна ҷавҳар ҷӯшад аз ҷӯшам

به رنگ چشمهٔ آیینه جوهر جوشد از جوشم

зи ёдами шубҳае дар ҷилва омад арз ҳастӣ шуд

ز یادم شبهه‌ای در جلوه آمد عرض هستی شد

Ҷаҳони таъбир буд онҷокаҳи ман хоби фаромӯшам

جهان تعبیر بود آنجاکه من خواب فراموشم

Шикастан ӣнқадарҳо нест дар ранги хазони бедил

شکستن اینقدرها نیست در رنگ خزان بیدل

Дрбни вбронаҳ гардӣ карда бошад рафтани ҳушам

دربن وبرانه‌گردی کرده باشد رفتن هوشم