Шикваи фақри малик бениёзӣ кард таслимам
شکوه فقر ملک بینیازی کرد تسلیمم
Ба иқболӣ ки дил бархест аз дунё ба таъзимам
به اقبالی که دل برخاست از دنیا به تعظیمم
Баландӣ саркашаст аз тинатам чун обила аммо
بلندی سرکش است از طینتم چون آبله اما
Адаби рӯзии ду зери по нишастан кард таълимам
ادب روزی دو زیر پا نشستن کرد تعلیمم
Агар доман наме аФшондм аз пас монда ҳо будам
اگر دامن نمیافشاندم از پس ماندهها بودم
Чу фурсат бениёзӣ бар ду олам дод тақдимам
چو فرصت بینیازی بر دو عالم داد تقدیمم
Ҳавас то рангӣ аз шухӣ ба арзи оради фузулии кӯ
هوس تا رنگی از شوخی به عرض آرد فضولی کو
Фурӯ дар кӯҳ рафт аз шарми истиғнои зару симам
فرو در کوه رفت از شرم استغنا زر و سیمم
Нуқӯши мо ва ман охири варақ гардонданӣ дорад
نقوش ما و من آخر ورق گرداندنی دارد
Ба дарди куҳнагии пеш аз рақами Фрсўди тақвимам
به درد کهنگی پیش از رقم فرسود تقویمم
Талаб кардам зи ҳиммати хотами малики сулаймонӣ
طلبکردم ز همت خاتم ملک سلیمانی
Фишори танагӣ дил дод арзи ҳафт иқлӣмам
فشار تنگی دل داد عرض هفت اقلیمم
Мижа ҳар ҷогшўдми давлати бедор пеш омад
مژه هر جاگشودم دولت بیدار پیش آمد
Ба ранги шамъи сар то пост истиқболи диҳимм
به رنگ شمع سر تا پاست استقبال دیهیمم
Биҳишти нақд , озодии сет , ваъзи дардисари камтар
بهشت نقد، آزادیست، وعظ دردسر کمتر
Ҳалоки олам умед натавон кард аз бимам
هلاک عالم امید نتوان کرد از بیمم
Ғубори субҳам аз парвози мавҳумам чаҳ май пурсӣ
غبار صبحم از پرواز موهومم چه میپرسی
Парӣ будам ки дар чок қафас карданд тақсимам
پری بودم که در چاک قفس کردند تقسیمم
зи қадари халқи бедили сарфа дар нимӣ наме бошад
ز قدر خلق بیدل صرفه در نیمی نمیباشد
Бар аъдоди ҳама ҳар гуҳ музоъаф мешавам нимам
بر اعداد همه هر گه مضاعف میشوم نیمم