Ба нақши сахти рӯеҳои мардуми бас ки ҳайронам
به نقش سخت روییهای مردم بسکه حیرانم
Раг сангаст ҳамчун ҷавҳари ойӣнаи мижгонам
رگ سنگست همچون جوهر آیینه مژگانم
Гулии ҷузи доғи расвоӣ дар оғӯшам наме гунҷад
گلی جز داغ رسوایی در آغوشم نمیگنجد
зи сар то по чу ҷоми бодаи як чоки гиребонам
ز سر تا پا چو جام باده یک چاکگریبانم
Ҳубоб аз перҳани ойӣна дорӣ мекунад равшан
حباب از پیرهن آیینه داری میکند روشن
Ба пӯшиши сохтам то аинқдркрднди урёнам
به پوشش ساختم تا اینقدرکردند عریانم
Агар бунёди минои хонаи гардун ба санг ояд
اگر بنیاد مینا خانهٔ گردون به سنگ آید
Маниш дар чашми ҳиммати як шикаст ашк ме донам
منش در چشم همت یک شکست اشک میدانم
Чароғи куштаи дӯдаши зери даст доғ ме бошад
چراغ کشته دودش زیر دست داغ میباشد
зи нақши по фурӯтар метапад гирди биёбонам
ز نقش پا فروتر میتپد گرد بیابانم
Қиёмат дошт бе рӯй ту шамъи анҷуман бӯдан
قیامت داشت بیروی تو شمع انجمن بودن
Гудозам об зад то сӯхтан гардид осонам
گدازم آب زد تا سوختنگردید آسانم
Надорам дар дабистони муҳаббати шавқи бекорӣ
ندارم در دبستان محبت شوق بیکاری
Ба ёдати сатр ашкӣ менивисам нола ме хонам
به یادت سطر اشکی مینویسم ناله میخوانم
Тамошои машрабам аз сози роҳатҳо чаҳ май пурсӣ
تماشا مشربم از ساز راحتها چه میپرسی
Ҷаҳон афсона гардад то расад мижгон ба мижгонам
جهان افسانهگردد تا رسد مژگان به مژگانم
Ба тадбири ҷунунам раҳ надорад ҳукми мастурӣ
به تدبیر جنونم ره ندارد حکم مستوری
Чу мағзи писта ҳар чанд устихони бошдгрибонм
چو مغز پسته هر چند استخوان باشدگریبانم
Арақи паймои шабнам чун саҳар умрӣаст ме тозам
عرق پیمای شبنم چون سحر عمریست میتازم
Надорам он қадри обӣ ки гирд хеш бинишонам
ندارم آنقدر آبی که گرد خویش بنشانم
Дарин маҳфили мабодо аз забони гардани кашами бедил
درین محفل مبادا از زبانگردنکشم بیدل
Чу шамъ аз файзи хомӯшии гиребони сози домонам
چو شمع از فیض خاموشیگریبان ساز دامانم