Ҳеҷ май донеи моли худ чаро нашнохтем

هیچ می‌دانی مآل خود چرا نشناختیم

Сар ба пеш по накардем аз ҳаё нашнохтем

سر به پیش پا نکردیم از حیا نشناختیم

Ғайрати иктоииш аз худшиносӣ нанг дошт

غیرت یکتاییش از خودشناسی ننگ داشت

Қадари мо ин бас ки мо ҳам хешро нашнохтем

قدر ما این بس که ما هم خویش را نشناختیم

Олимиро маърифати шарманда ҷовид кард

عالمی را معرفت شرمندهٔ جاوید کرد

Худшиносии нанг кӯрӣ шуд туро нашнохтем

خودشناسی ننگ ‌کوری شد ترا نشناختیم

Дили агрбои халқ кам ҷӯшед ҷой шиква нест

دل اگربا خلق‌کم جوشید جای شکوه نیست

Аз ҳамаи бегона будем ошно нашнохтем

از همه بیگانه بودیم آشنا نشناختیم

Чашми пӯшидани ҷаҳони офият эҷод кард

چشم پوشیدن جهان عافیت ایجاد کرد

Ғайри кунҷи дил барои амн ҷо нашнохтем

غیر کنج دل برای امن جا نشناختیم

Дар гулистонӣ ки рангаши поймоли ноз буд

در گلستانی که رنگش پایمال ناز بود

Хӯни мо ҳам дошт рангӣ аз ҳино нашнохтем

خون ما هم داشت رنگی از حنا نشناختیم

Чашми бандӣ бетамизиро намебошад алоҷ

چشم‌بندی بی‌تمیزی را نمی‌باشد علاج

Ҳасани урён буд мо ғайр аз фано нашнохтем

حسن عریان بود ما غیر از فنا نشناختیم

Ҷаҳли мавҷу каф ба фаҳми рози дарё равшан аст

جهل موج و کف به فهم راز دریا روشن است

Ишқ мустағнӣастгар мо ва шумо нашнохтем

عشق مستغنی است ‌گر ما و شما نشناختیم

Олам аз кайфияти раду қабул огоҳ нест

عالم از کیفیت رد و قبول آگاه نیست

Чун нафас яксар биравро аз биё нашнохтем

چون نفس یکسر برو را از بیا نشناختیم

Фаҳм воҷиб нест мумкин то абад аз мумкинот

فهم واجب نیست ممکن تا ابد از ممکنات

Инки мо ншнохтимт аз куҷо нашнохтем

اینکه ما نشناختیمت از کجا نشناختیم

Бениёзӣ аз тамизи айну ғайр озода аст

بی‌نیازی از تمیز عین و غیر آزاده است

Ҷурм ғифлат нест бе буд ки мо нашнохтем

جرم غفلت نیست بی‌بود که ما نشناختیم

Сабр агар май буд иброми талаб хиҷлат надошт

صبر اگر می‌بود ابرام طلب خجلت نداشت

Мо иҷобатро ду дами пеш аз дуо нашнохтем

ما اجابت را دو دم پیش از دعا نشناختیم

Зини тамошои бедил аз ваҳшати ънониҳои умр

زین تماشا بیدل از وحشت عنانیهای عمر

Дида ва дониста бигузаштем ё нашнохтем

دیده و دانسته بگذشتیم یا نشناختیم