Набӯд ба ғайри номи ту вирди забони мо

نبوَد به غیرِ نامِ تو وردِ زبانِ ما

Як ҳарф беш нест забон дар даҳони мо

یک حرف بیش نیست زبان در دهانِ ما

Чун шамъи дами зи шуълаи шавқ ту ме занем

چون شمع، دم ز شعلهٔ شوقِ تو می‌زنیم

Холӣ мабод зини таби гарми устихони мо

خالی مباد زین تب‌ِ گرم استخوانِ ما

Арзи фаноӣ мо набӯд ҷузи шикасти ранг

عرض فنای ما نبود جز شکستِ رنگ

Чун шуъла бар гурез надорад хазони мо

چون شعله، برگریز ندارد خزانِ ما

Гирди Ромӣ ба рӯй шарорӣ нишаста ем

گَردِ رمی به روی شراری نشسته‌ایم

эй сабр беш азин накунӣ имтиҳони мо

ای صبر! بیش از این نکنی امتحانِ ما

Аз баргу сози қофила бихўдон мапурс

از برگ و سازِ قافلهٔ بی‌خودان مپرس

Бенола меравад ҷараси корвони мо

بی‌ناله می‌رود جرس‌ِ کاروانِ ما

Май хости дили зи шикваи хуии ту дам занад

می‌خواست دل ز شکوهٔ خوی تو دم‌ زند

Дӯди сапанди гашти сухан дар даҳони мо

دودِ سپند گشت سخن در دهانِ ما

Мо маънии мусалсали зулфи ту хонда ем

ما معنی مسلسلِ زلفِ تو خوانده‌ایم

Мушкил ки марг қатъ кунад достони мо

مشکل‌ که مرگ قطع‌ کند داستانِ ما

Чун сайли бихўдонаҳи сӯй баҳр ме рӯем

چون سیل، بی‌خودانه سوی بحر می‌رویم

Огаҳ наем даст ки дорад Аннани мо

آگه نه‌ایم دست‌ِ که دارد عنانِ ما

Моро ъҷўзи даҳр дўто кард аз фиреб

ما را عجوزِ دهر دوتا کرد از فریب

Зиҳ шуд ба тори чархи зи сустии камони мо

زه شد به تارِ چرخ ز سستی‌ کمانِ ما

Аз табъи шӯхи ин ҳама дар банд кулуфтем

از طبعِ شوخ این‌همه در بندِ کُلفَتیم

Бастанд чун шарор ба санги ошёни мо

بستند چون شرار به سنگ آشیانِ ما

Оҳ аз ғубори мо ки ҳавогир шавқ нест

آه از غبارِ ما که هواگیرِ شوق نیست

Яъне ба хок рехтааст осмони мо

یعنی به خاک ریخته است آسمانِ ما

Бедили ҳуҷуми гиряи моро сабаб мапурс

بیدل! هجوم‌ِ گریهٔ ما را سبب مپرس

Бемақсадаст кӯшиши ашки равони мо

بی‌مقصد است‌ کوششِ اشکِ روانِ ما

Хониш
ғзл шморҳ 240 — ъндлӣб