эй ҳоҷатати далел ба идбори зистан
ای حاجتت دلیل به ادبار زیستن
Иззат куҷост то натавон хори зистан
عزت کجاست تا نتوان خوار زیستن
Андешае ки дар чаҳ хаёли аўФтодаҳ Эй
اندیشهای که در چه خیال اوفتادهای
Маҷбури маргу даъвии мухтори зистан
مجبور مرگ و دعوی مختار زیستن
Токии зхлқи парда ба рӯи афканӣ чу Хизр
تاکی زخلق پرده به رو افکنی چو خضر
Мурдан ба аз хиҷолат бисёр зистан
مردن به از خجالت بسیار زیستن
Дар боргоҳи яъси адаби ихтироъи мост
در بارگاه یأس ادب اختراع ماست
Бихўобӣ ва ба сояи девори зистан
بیخوابی و به سایهٔ دیوار زیستن
Ғифлати здости партави андешаи Карим
غفلت زداست پرتو اندیشهٔ کریم
Ҳайфаст ёди аҳду гунаҳкори зистан
حیفست یاد عهد و گنهکار زیستن
Гул агар гирди рикоб ту нашуд маъзӯр аст
گل اگر گرد رکاب تو نشد معذور است
Чехияанд по ба ҳиное ки надорад рафтан
چکند پا به حنایی که ندارد رفتن
Улфати оҳи мсқим дар дили сохт маро
الفت آه مسقیم در دل ساخت مرا
Дорад ин хонаи ҳавоӣ ки надорад рафтан
دارد این خانه هوایی که ندارد رفتن
Бедил он кист ки бо сайли хиромаши имрӯз
بیدل آنکیستکه با سیل خرامش امروز
Ҳамчу дил нест банноӣ ки надорад рафтан
همچو دل نیست بنایی که ندارد رفتن