Май рӯм ҳар ҷо ба завқи офият андӯхтан
میروم هر جا به ذوق عافیت اندوختن
Ҳамчуи шамъами зод роҳӣ нест ғайр аз сӯхтан
همچو شمعم زاد راهی نیست غیر از سوختن
Захми дил аз чораи ҷӯӣҳои мо бепарда шуд
زخم دل از چاره جوییهای ما بیپرده شد
Ин гиребони сахт расвоӣ кашид аз духтан
این گریبان سخت رسوایی کشید از دوختن
Шуълагар соғар занад аз паҳлавии хор ва хас аст
شعله گر ساغر زند از پهلوی خار و خس است
Беш азин рӯй сияҳ натавон ба зулм афрӯхтан
بیش ازین روی سیه نتوان به ظلم افروختن
Ин чамангар ҳосилӣ дорад ҳамон дасти тиҳии сет
این چمنگر حاصلی دارد همان دست تهیست
То ба кӣ чун ғунчаи хоҳии рангу бӯ андӯхтан
تا به کی چون غنچه خواهی رنگ و بو اندوختن
Дил агар арзад ба доғии муфт савдоӣ вафост
دل اگر ارزد به داغی مفت سودای وفاست
Юсуфи мо мунфаил мегардад аз нафурӯхтан
یوسف ما منفعل میگردد از نفروختن
Ҷодагар печад ба хеши ойӣнаи дор манзил аст
جادهگر پیچد به خویش آیینهدار منزل است
намекунад шамъи бисоти дили нафасро сӯхтан
میکند شمع بساط دل نفس را سوختن
Тор ва пуд ҳастӣ мо нест бе пайванди хок
تار و پود هستی ما نیست بی پیوند خاک
Хирқа субҳем бар мо чашм натавон духтан
خرقهٔ صبحیم بر ما چشم نتوان دوختن
Изтиробами олимиро кард помоли ғубор
اضطرابم عالمی را کرد پامال غبار
Хоки маҷнӯнро намебоист ваҷди омухтан
خاک مجنون را نمیبایست وجد آموختن
Бе ту бояд сӯхти бедилро ба ҳррнгӣ ки ҳаст
بیتو باید سوخت بیدل را به هررنگی که هست
Доғи дил гар нест оташ ме тавон афрӯхтан
داغ دل گر نیست آتش میتوان افروختن