По ба навмидии шикасти озодии дилхоҳи мо

پا به نومیدی شکست، آزادی دلخواه ما

Гирди чини дастӣ назд бар домани кӯтоҳи мо

گَرد چین دستی نزد بر دامن ‌کوتاه ما

Кӯшиш ашкем ?бурмаи тӯҳмат ҷавлон мабанд

کوشش اشکیم، بر ما تهمت جولان مبند

То ба хок аз лағзиш ?покааш бошад роҳи мо

تا به خاک از لغزش پا کاش باشد راه ما

Чун ҳубоб азкоргоҳأс меҷӯшему бас

چون حباب ‌از کارگاه یأس می‌جوشیم ‌و بس

Ҷузи шикасти дил чаҳ хоҳад буд музди оҳи мо

جز شکست دل چه ‌خواهد بود مزد آه ما؟

Ғифлат кам фурсатии майдони лоф кас мабод

غفلت‌ کم‌فرصتی میدان ‌لاف‌ کس مباد

Дар сафи оташ аламдораст барги коҳи мо

در صف آتش علم‌دار است برگ کاه ما

Субҳ ҳастӣ сррти чок гиребон фаност

صبح هستی، صورت چاک گریبان فناست

Умрҳо шуд рӯз мо меҷӯшад аз бегоҳи мо

عمرها شد روز ما می‌جوشد از بیگاه ما

Сарф нуқсонем дигари азкмол мо мапурс

صرف نقصانیم، دیگر از کمال ما مپرس

Ишқ пуркарда сети оғӯши ҳилол аз моҳи мо

عشق پر کرده‌ست آغوش هلال از ماه ما

ҲрнФс каз ҷайби дил гул мекунад пайғом ӯст

هر نفس کز جیب دل ‌گل می‌کند، پیغام ‌اوست

Ин расани умрии сет Юсуф мекашад аз чоҳи мо

این رَسَن ‌عمری‌ست یوسف ‌می‌کشد از چاه ما

Ҷаҳли ҳам найранг огоҳӣаст аммо фаҳми кӯ

جهل هم نیرنگ آگاهی‌ست، اما فهم ‌کو؟

Мосўогри ворасӣ исмӣаст аз аллоҳи мо

ماسوا گر وارسی اسمی‌ست از الله ما

Пртўоқболи раҳмати бас ки ом афтода аст

پرتو اقبال رحمت بس‌که عام افتاده است

Нест дарвешӣ ки бошад кулбааш бе шоҳи мо

نیست درویشی که باشد کلبه‌اش بی شاه ما

Ҳалқаи пргоргрдўни нокуҷои хоҳии шимурд

حلقهٔ پرگار گردون تا کجا خواهی شمرد؟

Зини кчаҳ бисёр дорад хоки бозӣгоҳи мо

زین‌ کچه بسیار دارد خاک بازیگاه ما

Диққат бисёр дорад фаҳми асрори адам

دقت بسیار دارد، فهم اسرار عدم

Чашм аз олам бапушӣ то шӯии огоҳи мо

چشم از عالم بپوشی، تا شوی آگاه ما

намерӯем азхўиши вҳмчўни шамъи по мол худем

می‌رویم ‌از خویش و همچون شمع پامال خودیم

Аҷз вокрдаҳаст бедил бар сари мо роҳи мо

عجز وا کرده‌ست بیدل! بر سر ما راه ما

Хониш
ғзл шморҳ 244 — ъндлӣб