намехӯрд хӯни нафаси андари дили ғами пешаи мо

می‌خورد خون، نفس اندر دل غم‌پیشهٔ ما

Ҷўҳртиғ буд хорўи хаси бешаи мо

جوهر تیغ بود خار و خس بیشهٔ ما

Бас ки чун шамъ ба ғам ншўўнмо ёфта ем

بس‌که چون شمع، به غم نشو و نما یافته‌ایم

Шуъларо мавҷи таровати шимурди решаи мо

شعله را موج طراوت شمرَد، ریشهٔ ما

Сахтии даҳри зи сабри дили мо зинҳории сет

سختی دهر ز صبر دل ما زنهاری‌ست

Об шуд тоқати санги азҷгри шишаи мо

آب شد طاقت سنگ از جگر شیشهٔ ما

Қади хами гшаҳи ҳамон нохуни Фарҳод ғам аст

قد خم‌گشته، همان ناخن فرهاد غم است

Саъии биҷост ба ҷуз ҷон кунӣ азтишаҳи мо

سعی بی‌جاست، به‌جز جان‌کنی از تیشهٔ ما

Шуғли расвоӣу мастурӣ аҳвол балост

شغل رسوایی و مستوری احوال، بلاست

Коши ороиш бозор диҳад пешаи мо

کاش آرایش بازار دهد پیشهٔ ما

Шӯри занҷири ҷунун аз нафас мо пайдост

شور زنجیر جنون از نفس ما پیداست

Накҳати зулф ки печида бар андешаи мо

نکهت زلف که پیچیده بر اندیشهٔ ما؟

Чашм умед надорем зкшти дгарон

چشم امید نداریم ز کشت دگران

Дили мо донаи мо , нолаи мо , решаи мо

دل ما دانهٔ ما، نالهٔ ما ریشهٔ ما

Хомшиҳои сабақи мактаб битобӣ нест

خامشی‌ها، سبق مکتب بی‌تابی نیست

Як қалами нола буд машқи неи пешаи мо

یک‌قلم ناله بود، مشق نی بیشهٔ ما

Нашъаи машраби бирнгии азони соФтрст

نشئهٔ مشرب بی‌رنگی از آن صاف‌تر است

Ки шавад мавҷи парии дарди таҳи шишаи мо

که شود موج پری دُردِ تهِ شیشهٔ ما

Бедил аз фитрати мо қасри маъонии сети баланд

بیدل! از فطرت ما قصر معانی‌ست بلند

Поя дорад сухани азкрсии андешаи мо

پایه دارد سخن از کرسی اندیشهٔ ما

Хониш
ғзл шморҳ 247 — ъндлӣб